रीढ़ की हड्डी Class 9 Summary में विद्यार्थी पाठ के मुख्य विचार, पात्रों, संवादों और सामाजिक संदेश को सरल भाषा में समझ सकते हैं। यह पाठ रूढ़िवादी सोच, विवाह संबंधी सामाजिक धारणाओं और स्त्री-पुरुष समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाता है। इस Summary में पाठ की प्रमुख घटनाओं और संदेश को परीक्षा की दृष्टि से आसान तरीके से समझाया गया है।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Summary | Hindi Ganga Chapter 6
कहानी का सारांश
नाटक रीढ़ की हड्डी परिवार और समाज की सोच को उजागर करता है। इसमें रामसरूप (बाबू) और उनकी पत्नी प्रेमा अपनी बेटी उमा के विवाह की तैयारी करते हैं। घर में सजावट, नाश्ता और मेहमानों के स्वागत की हलचल दिखाई देती है। उमा पढ़ी-लिखी लड़की है, लेकिन उसकी माँ को लगता है कि पढ़ाई से लड़कियाँ बिगड़ जाती हैं और पुरानी शिक्षा ही बेहतर थी। दूसरी ओर, पिता रामसरूप आधुनिक सोच रखते हैं और चाहते हैं कि बेटी पढ़ी-लिखी हो।
लड़के का पिता गोपाल प्रसाद पुरानी सोच का है। वह चाहता है कि लड़की ज्यादा पढ़ी-लिखी न हो, क्योंकि उसे लगता है कि पढ़ाई से लड़कियाँ घर-गृहस्थी के कामों से दूर हो जाती हैं। उसका बेटा शंकर मेडिकल कॉलेज में पढ़ता है, लेकिन उसकी कमर झुकी हुई है। इस पर उसके पिता मजाक करते हैं कि उसकी “रीढ़ की हड्डी” कमजोर है। घर का नौकर रतन भी तैयारी में मदद करता है। बातचीत के दौरान समाज की पुरानी और नई सोच का टकराव साफ दिखाई देता है—एक ओर शिक्षा और आत्मनिर्भरता, दूसरी ओर पुरानी परंपराएँ और संकीर्ण विचार।
कहानी का विषय (Theme)
इस नाटक का मुख्य विषय समाज की सोच और शिक्षा का महत्व है। “रीढ़ की हड्डी” केवल शरीर की हड्डी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मजबूती का प्रतीक है। नाटक यह दिखाता है कि पुरानी सोच में लड़कियों की पढ़ाई को बोझ माना जाता है, जबकि असली ताकत शिक्षा से आती है। शादी के समय परिवार और समाज अक्सर लड़की की पढ़ाई को समस्या मानते हैं, लेकिन असल में यही पढ़ाई उसकी असली शक्ति है।
लेखक का परिचय
नाटक रीढ़ की हड्डी के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। वे हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि, नाटककार और कथाकार थे। प्रसाद जी ने हिंदी नाटक को नई ऊँचाइयाँ दीं। उनके नाटकों में समाज की समस्याएँ, परंपरा और आधुनिकता का संघर्ष साफ दिखाई देता है।
कहानी के प्रमुख पात्र
- उमा – पढ़ी-लिखी लड़की, जिसकी शादी की बातचीत हो रही है।
- रामसरूप – उमा का पिता, आधुनिक सोच वाला।
- प्रेमा – उमा की माँ, पुरानी सोच वाली।
- शंकर – लड़का, मेडिकल कॉलेज का छात्र, जिसकी कमर झुकी हुई है।
- गोपाल प्रसाद – शंकर का पिता, पुरानी सोच वाला।
- रतन – घरेलू सहायक।
कहानी से मिलने वाली शिक्षा
इस नाटक से हमें शिक्षा मिलती है कि शिक्षा ही असली ताकत है। “रीढ़ की हड्डी” केवल शरीर की हड्डी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मजबूती का प्रतीक है। समाज को चाहिए कि लड़कियों की पढ़ाई को बोझ न समझे, बल्कि उनकी शक्ति और स्वतंत्रता का आधार माने।
कठिन शब्द एवं अर्थ
| कठिन शब्द | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| तकल्लुफ़ | औपचारिकता या दिखावा | रामसरूप ने मेहमानों से कहा कि तकल्लुफ़ की कोई बात नहीं है। |
| दशकयानूसी | बहुत पुरानी सोच | रामसरूप को गुस्सा आता है कि गोपाल प्रसाद की सोच अभी भी दशकयानूसी है। |
| ठिठोली | मजाक या हँसी-ठिठोली | रामसरूप ने गामोफोन की तुलना रीढ़ की हड्डी से करके ठिठोली की। |
| निरत | आदत या स्वभाव | उमा को सजने-संवरने की निरत नहीं थी, इसलिए उसने पौडर और टीम-टाम से दूरी बनाई। |
| कचौड़ियाँ | एक प्रकार का पकवान | गोपाल प्रसाद ने कहा कि उनके जमाने में स्कूल से लौटकर कचौड़ियाँ खाया करते थे। |
| खीस वनपोरना | जबरदस्ती मुस्कुराना | गोपाल प्रसाद पुरानी यादें सुनाते समय खीस वनपोरने लगे। |
| हाशजर | उपस्थित होना | रामसरूप ने कहा कि वह अभी हाशजर होकर मेहमानों के पास आता है। |
| माजज्सन | मेडिकल की पढ़ाई का एक स्तर | शंकर ने बताया कि उसकी पढ़ाई में अभी एक साल का माजज्सन बाकी है। |
कठिन शब्दों का उच्चारण (सरल तरीके से)
- तकल्लुफ़ → त-कल-लुफ
- दशकयानूसी → दश-का-या-नू-सी
- ठिठोली → ठि-ठो-ली
- निरत → नि-रत
- कचौड़ियाँ → क-चौ-ड़ी-याँ
- खीस वनपोरना → खीस-व-न-पोर-ना
- हाशजर → हा-श-जर
- माजज्सन → मा-जि-सन
- स्टैंििवि → स्टै-न-ड-र्ड
वाक्यांश एवं मुहावरे
| वाक्यांश एवं मुहावरे | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| रीढ़ की हड्डी होना | मजबूती और आत्मविश्वास का प्रतीक। | शिक्षा इंसान की रीढ़ की हड्डी होती है, जो उसे मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। |
| मुंह फुलाना | नाराज़ होना। | उमा छोटी-सी बात पर मुंह फुलाकर बैठ गई। |
| बाज आना | तंग आना या हार मान लेना। | प्रेमा ने कहा कि वह उमा की जिद से बाज आ गई है। |
| खीस वनपोरना | जबरदस्ती मुस्कुराना। | गोपाल प्रसाद पुरानी यादें सुनाते समय खीस वनपोरने लगे। |
| ठिठोली करना | मजाक करना। | रामसरूप ने गामोफोन की तुलना इंसान की रीढ़ की हड्डी से करके ठिठोली की। |
शब्द भंडार
शिक्षा, आत्मविश्वास, मजबूती, परंपरा, आधुनिकता, विवाह, समाज, सोच, संघर्ष, स्वतंत्रता, आदत, मजाक, औपचारिकता, पुरानी सोच, प्रतीक।
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