साङकेन Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 3 में पाठ से जुड़े सभी प्रश्नों के सरल और आसान उत्तर दिए गए हैं। इस पाठ में अरुणाचल प्रदेश के चौखाम गाँव में मनाए जाने वाले साङकेन त्योहार, वहाँ की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के आतिथ्य का सुंदर वर्णन किया गया है। यह अध्याय विद्यार्थियों को भारत की विविध संस्कृतियों और त्योहारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में मदद करता है।

साङकेन Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 3
बातचीत के लिए,
1. आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं? उनमें से आपका प्रिय त्योहार कौन-सा है और क्यों?
उत्तर: मैं दीपावली, होली, गणेश उत्सव और रक्षाबंधन जैसे त्योहार मनाता हूँ। इनमें से मेरा प्रिय त्योहार दीपावली है क्योंकि उस दिन घर सजता है, दीये जलते हैं और परिवार के साथ पूजा और मिठाई बाँटने का आनंद मिलता है।
2. आपके घर में किसी विशेष त्योहार पर कौन-कौन से पकवान बनाए जाते हैं? उनमें से किसी एक पकवान को बनाने की विधि बताइए।
उत्तर: हमारे घर में दीपावली पर लड्डू, करंजी और चिवड़ा बनाए जाते हैं। इनमें से लड्डू बनाने की विधि है – बेसन को घी में भूनकर उसमें चीनी और मेवे मिलाकर गोल-गोल लड्डू बना लेते हैं।
3. यदि आपके घर पर आपका कोई मित्र आए, तो आप हिंदी भाषा का प्रयोग करते हुए अपने मित्र का अभिवादन कैसे करेंगे?
उत्तर: मैं अपने मित्र का स्वागत करते हुए कहूँगा – “नमस्ते मित्र! आपका स्वागत है, आइए बैठिए।”
4. आप अपने मित्र को अपने राज्य या गाँव के किसी विशेष त्योहार और संस्कृति के बारे में क्या-क्या बताएँगे?
उत्तर: मैं अपने मित्र को बताऊँगा कि हमारे गाँव में गणेश उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लोग प्रतिदिन आरती करते हैं, प्रसाद बाँटते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। यह त्योहार हमारी संस्कृति और सामूहिकता को दर्शाता है।
5. क्या आपने कभी किसी ऐसे त्योहार को मनाया है जो आपके राज्य या संस्कृति से अलग हो? अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, मैंने एक बार ओणम का त्योहार मनाया था। उसमें फूलों की सजावट, नौका दौड़ और विशेष भोजन का आनंद लिया। यह अनुभव अलग था और मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि इससे मुझे दूसरी संस्कृति को समझने का अवसर मिला।
मेरी समझ से
नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे उपयुक्त उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए।
1. साङकेन का त्योहार मुख्य रूप से भारत के किस राज्य से संबंधित है?
(क) सिक्किम
(ख) असम
(ग) मेघालय
(घ) अरुणाचल प्रदेश
उत्तर: (घ) अरुणाचल प्रदेश
2. वल्लरी को साङकेन त्योहार देखकर होली की याद क्यों आ गई?
(क) साङकेन और होली पर एक जैसे पकवान बनते हैं।
(ख) होली और साङकेन एक ही महीने में आते हैं।
(ग) होली और साङकेन दोनों पानी और रंग/आटे से खेले जाते हैं।
(घ) होली और साङकेन दोनों में ही होलिका दहन होता है।
उत्तर: (ग) होली और साङकेन दोनों पानी और रंग/आटे से खेले जाते हैं।
3. साङकेन के दौरान एक-दूसरे पर पानी डालने के पीछे क्या भावना होगी?
(क) केवल मनोरंजन करना
(ख) गर्मी से राहत पाना
(ग) बुराइयों को समाप्त करना
(घ) नदी को स्वच्छ रखना
उत्तर: (ग) बुराइयों को समाप्त करना
4. वल्लरी ने दिल्ली और चौखाम के वातावरण के बीच क्या अंतर बताया है?
(क) दिल्ली शांत है और चौखाम बहुत शोर वाला।
(ख) दोनों जगह के वातावरण में कोई अंतर नहीं है।
(ग) दिल्ली में हरियाली अधिक है, चौखाम में नहीं।
(घ) दिल्ली भीड़-भाड़ वाली है, चौखाम शांत और हरा-भरा।
उत्तर: (घ) दिल्ली भीड़-भाड़ वाली है, चौखाम शांत और हरा-भरा।
5. “यहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।” इस कथन से लेखक का क्या आशय है?
(क) ये लोग बहुत कम काम करते हैं।
(ख) ये लोग सदैव हँसने का अभिनय करते हैं।
(ग) ये लोग प्रसन्नचित्त और संतोषी स्वभाव के हैं।
(घ) इन लोगों को ऐसा करने के लिए कहा गया है।
उत्तर: (ग) ये लोग प्रसन्नचित्त और संतोषी स्वभाव के हैं।
| संकेत: आपके अनुसार जो सबसे उपयुक्त उत्तर है, उसे चुनिए। फिर अपने साथियों के साथ उसे साझा कीजिए। ध्यान दीजिए कि क्या उन्होंने भी वही उत्तर चुना है। एक-दूसरे से अपने उत्तर चुनने के कारणों की चर्चा कीजिए। |
सोचिए और लिखिए,
1. अरुणाचल प्रदेश के चौखाम में साङकेन त्योहार मनाया जा रहा था। यह त्योहार कितने दिन तक और कैसे मनाया जाता है?
उत्तर: साङकेन त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों की मूर्तियाँ मंदिर में रखी जाती हैं और पूजा होती है। लोग एक-दूसरे पर पानी डालते और चेहरे पर चावल का आटा लगाते हैं। अगले दिनों में लोग रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं और पकवान खाते हैं। तीसरे दिन मूर्तियाँ वापस बौद्ध-विहार ले जाई जाती हैं।
2. यदि आपको किसी भीड़-भाड़ वाले शहर से किसी शांत और हरे-भरे स्थान पर घूमने का अवसर मिले, तो आप वहाँ क्या-क्या करना पसंद करेंगे?
उत्तर: मैं वहाँ प्रकृति का आनंद लूँगा, पेड़ों और फूलों को देखूँगा, नदी या झरने के पास बैठकर शांति महसूस करूँगा। मुझे वहाँ टहलना और पक्षियों की आवाज़ सुनना अच्छा लगेगा।
3. चाऊतान के घर में उनके आतिथ्य को देखकर वल्लरी को कैसा लगा होगा और क्यों?
उत्तर: वल्लरी को बहुत अच्छा लगा होगा क्योंकि चाऊतान के परिवार ने उसका स्वागत किया और स्वादिष्ट पकवान खिलाए। इससे उसे अपनापन और खुशी का अनुभव हुआ।
4. साङकेन के त्योहार को मनाने के तरीके में आपको सबसे अच्छा क्या लगा और क्यों?
उत्तर: मुझे सबसे अच्छा लगा कि लोग एक-दूसरे पर पानी डालते और खुशी बाँटते हैं। यह तरीका मज़ेदार है और समाज में एकता और आनंद का भाव पैदा करता है।
भाषा की ओर
विपरीत अर्थ वाले शब्द
1. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द के विपरीत शब्द से रिक्त स्थान भरिए—
(क) साङकेन के दिन लोग पुराने झगड़े भूलकर ………………….. साल की शुरुआत करते हैं।
उत्तर: नया
(ख) त्योहार का आरंभ पूजा से होता है और मेले से इसका ………………….. होता है।
उत्तर: अंत
(ग) यह कपड़ा बहुत कोमल है और वह पत्थर बहुत ………………….. है।
उत्तर: कठोर
(घ) सूर्य के उगते ही अंधकार मिट जाता है और चारों तरफ ………………….. फैल जाता है।
उत्तर: प्रकाश
विशेषण-विशेष्य
इन शब्द-युग्मों में पहला शब्द दूसरे शब्द की विशेषता बता रहा है, जैसे मूर्तियों की विशेषता सुंदर है और कतारों की विशेषता लंबी है।
जिस शब्द की विशेषता बताई जाए, वह विशेष्य कहलाता है एवं जो शब्द विशेषता बताए, वह विशेषण कहलाता है।
2. निम्नलिखित विशेषण शब्दों का मिलान उपयुक्त विशेष्य से कीजिए—
| विशेषण | विशेष्य |
|---|---|
| पवित्र | नए |
| पारंपरिक | स्वादिष्ट |
| वस्त्र | जल |
| पकवान | नृत्य |
उत्तर:
| विशेषण | विशेष्य |
|---|---|
| पवित्र | जल |
| पारंपरिक | नृत्य |
| वस्त्र | नए |
| पकवान | स्वादिष्ट |
काल
- वर्तमान काल — लोगों में बहुत उत्साह है।
- भूतकाल — लोगों में बहुत उत्साह था।
- भविष्यत काल — लोगों में बहुत उत्साह होगा।
उदाहरण: लोग एक-दूसरे पर पानी छिड़कते हैं। (भूतकाल में बदलिए)
- उत्तर-1: लोगों ने एक-दूसरे पर पानी छिड़का।
- उत्तर-2: लोग एक-दूसरे पर पानी छिड़क रहे थे।
(क) भिक्षु नए वर्ष की प्रार्थना करेंगे। (वर्तमान काल में बदलिए)
उत्तर: भिक्षु नए वर्ष की प्रार्थना करते हैं।
(ख) वे एक-दूसरे के चेहरे पर चावल का आटा लगा रहे हैं। (भविष्यत काल में बदलिए)
उत्तर: वे एक-दूसरे के चेहरे पर चावल का आटा लगाएंगे।
(ग) चाऊतान के पिताजी घर की सफाई कर रहे थे। (वर्तमान काल में बदलिए)
उत्तर: चाऊतान के पिताजी घर की सफाई कर रहे हैं।
वाक्य
| इन वाक्यों को ध्यान से पढ़ें— > लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे हैं। > लोग एक-दूसरे पर पानी नहीं डाल रहे हैं। > क्या लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे हैं? > अरे! लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे हैं। ऊपर दिए गए वाक्यों में कुछ शब्दों और विराम चिह्नों में बदलाव किया गया है। इनसे वाक्यों के अर्थ में बदलाव आ गया है। |
1. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देश के अनुसार बदलिए—
(क) लोगों में बहुत उत्साह था। (प्रश्न वाला वाक्य बनाइए)
उत्तर: क्या लोगों में बहुत उत्साह था?
(ख) शोभायात्रा मंदिर के पास पहुँची। (निषेध/नहीं वाला वाक्य बनाइए)
उत्तर: शोभायात्रा मंदिर के पास नहीं पहुँची।
(ग) आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है। (आश्चर्य/विस्मय वाला वाक्य बनाइए)
उत्तर: अरे! आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है।
(घ) क्या तुम मंदिर जा रहे हो? (निषेध/नहीं वाला वाक्य बनाइए)
उत्तर: तुम मंदिर नहीं जा रहे हो।
| अब समझिए— > जो वाक्य सीधा/साधारण हो, वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है। > जिस वाक्य में ‘नहीं’ अथवा निषेध का भाव हो, वह निषेधवाचक वाक्य कहलाता है। > जिस वाक्य में प्रश्न हो, वह प्रश्नवाचक वाक्य कहलाता है। > जिस वाक्य में आश्चर्य/विस्मय का भाव हो, वह विस्मयादिबोधक वाक्य कहलाता है। |
पाठ से आगे
समझ और अनुभव
1. आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में लोग अचानक आए मेहमानों के लिए समय नहीं निकाल पाते। पाठ में वर्णित चौखाम के लोगों के व्यवहार से हमें अपने सामाजिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए क्या सीख मिलती है?
उत्तर: चौखाम के लोग मेहमानों का स्वागत खुशी और अपनापन से करते हैं। इससे हमें सीख मिलती है कि सामाजिक संबंध मजबूत करने के लिए हमें समय निकालना चाहिए, मेहमानों का सम्मान करना चाहिए और मिलजुलकर रहना चाहिए।
2. वर्तमान समय में त्योहारों और आयोजनों में प्लास्टिक, कृत्रिम लाइटों और तड़क-भड़क का उपयोग बढ़ गया है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है। चौखाम के मंदिर की सजावट को ध्यान में रखते हुए आप अपने स्कूल या घर के उत्सवों को पर्यावरण-अनुकूल और सादगीपूर्ण कैसे बना सकते हैं?
उत्तर: हम बाँस, फूल और पत्तियों जैसी प्राकृतिक चीज़ों से सजावट कर सकते हैं। कृत्रिम लाइटों की जगह दीये या साधारण रोशनी का प्रयोग करें। प्लास्टिक की जगह कपड़े या कागज़ का उपयोग करें। इस तरह उत्सव सुंदर भी होंगे और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा।
3. मान लीजिए, साङकेन त्योहार बीतने के बाद, वल्लरी और चाऊतान के बीच स्कूल में फिर से बातचीत होती है। वल्लरी चाऊतान को बताती है कि उसे साङकेन मनाकर कैसा लगा। दोनों के बीच होने वाले इस संवाद को लिखिए।
- वल्लरी: चाऊतान, आनंद आ गया साङकेन मनाकर।
- चाऊतान: अच्छा! सबसे अच्छा क्या लगा तुम्हें?
- वल्लरी: ………………………………………………………
- चाऊतान: ………………………………………………………
- वल्लरी: ………………………………………………………
- चाऊतान: ………………………………………………………
- वल्लरी: ………………………………………………………
- चाऊतान: ………………………………………………………
उत्तर:
- वल्लरी: चाऊतान, आनंद आ गया साङकेन मनाकर।
- चाऊतान: अच्छा! सबसे अच्छा क्या लगा तुम्हें?
- वल्लरी: मुझे सबसे अच्छा लगा कि सब लोग मिलकर पानी डाल रहे थे और खुश हो रहे थे।
- चाऊतान: हाँ, यही तो हमारे त्योहार की खासियत है।
- वल्लरी: मंदिर की सजावट भी बहुत सुंदर थी।
- चाऊतान: सही कहा, बाँस और फूलों से सजावट बहुत अच्छी लगी।
- वल्लरी: और पकवान भी बहुत स्वादिष्ट थे।
- चाऊतान: हाँ, त्योहार में पकवान और मेहमानों का स्वागत ही मज़ा बढ़ा देते हैं।
4. कल्पना कीजिए कि आप वल्लरी हैं। दिल्ली की भीड़-भाड़ से दूर अरुणाचल प्रदेश के चौखाम गाँव में पहली बार साङकेन का त्योहार मनाने और वहाँ के शांत वातावरण को देखने के बाद आपके मन में क्या विचार आए? इस पूरे अनुभव को व्यक्त करते हुए एक डायरी लिखिए।
उत्तर: आज मैंने चौखाम गाँव में साङकेन त्योहार मनाया। यहाँ का वातावरण बहुत शांत और हरा-भरा है। लोग बहुत खुशमिजाज और अपनापन से भरे हैं। मंदिर की सजावट बाँस और फूलों से की गई थी, जो बहुत सुंदर लगी। पानी डालने और चावल का आटा लगाने की परंपरा मज़ेदार थी। मुझे लगा कि त्योहार लोगों को जोड़ते हैं और खुशी बाँटते हैं। दिल्ली की भीड़-भाड़ से दूर यहाँ का अनुभव मेरे लिए नया और सुखद रहा।
5. आपके विद्यालय में पूर्वोत्तर भारत की संस्कृतियों और त्योहारों से परिचित कराने के लिए एक ‘सांस्कृतिक सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के लिए विद्यार्थियों को आमंत्रित करते हुए और कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं, जैसे– साङकेन उत्सव की झाँकी, पारंपरिक भोजन, नृत्य आदि को बताते हुए एक आकर्षक पोस्टर तैयार कीजिए। आप अपने राज्य/गाँव से संबंधित किसी त्योहार पर भी पोस्टर बना सकते हैं।
उत्तर:
सांस्कृतिक सप्ताह
- स्थान: विद्यालय प्रांगण
- तारीख: अगले सप्ताह
मुख्य आकर्षण
- साङकेन उत्सव की झाँकी
- पारंपरिक भोजन का स्वाद
- लोकनृत्य और गीत
- पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति की प्रदर्शनी
आइए, मिलकर संस्कृति का आनंद लें और एकता का संदेश फैलाएँ।
खोजबीन
पुस्तकालय एवं अन्य स्रोतों से—
1. साङकेन त्योहार अरुणाचल प्रदेश में नए साल के आरंभ में मनाया जाता है। यह अप्रैल महीने में आता है। भारत के अन्य राज्यों में अप्रैल महीने में मनाए जाने वाले फसलों से जुड़े त्योहारों (जैसे– बैसाखी, बिहू आदि) की सूची बनाइए और पता कीजिए कि वे किस तरह फसलों से जुड़े हैं और कैसे मनाए जाते हैं।
उत्तर:
| त्योहार | राज्य | फसल/कृषि से संबंध | कैसे मनाया जाता है |
|---|---|---|---|
| बैसाखी | पंजाब, हरियाणा | रबी फसल की कटाई | गुरुद्वारों में अरदास, भांगड़ा-गिद्धा नृत्य, सामूहिक भोज |
| बोहाग बिहू | असम | नई फसल और वसंत का आगमन | तीन दिन का उत्सव, नृत्य, गीत, पिठा (चावल के पकवान) |
| पुथांडु | तमिलनाडु | तमिल नववर्ष, कृषि चक्र | शुभ वस्तुओं का दर्शन (कन्नी), आम-पचड़ी, पूजा |
| पोइला बोइशाख | पश्चिम बंगाल | बंगाली नववर्ष, व्यापार और फसल | मंदिर दर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मिठाइयाँ |
| विशु | केरल | समृद्धि और नई शुरुआत | विशुक्कनी दर्शन, आतिशबाज़ी, पारंपरिक भोजन |
| शद सुक मिंसिएम | मेघालय | फसल और शांति का उत्सव | पारंपरिक नृत्य और धन्यवाद समारोह |
2. साङकेन त्योहार में पानी का विशेष महत्व है, वैसे ही भारत के अन्य भागों में भी पानी से जुड़े कई त्योहार मनाए जाते हैं। ऐसे कुछ त्योहारों (जैसे– ओणम में नौका दौड़ या छठ पूजा में नदी में प्रवेश कर सूर्य की आराधना) के बारे में जानकारी एकत्र कीजिए और उसे अपने सहपाठियों के साथ साझा कीजिए।
नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ियों (लिंक्स) का प्रयोग करके आप इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं।
उत्तर:
| त्योहार | स्थान | पानी से संबंध | कैसे मनाया जाता है |
|---|---|---|---|
| छठ पूजा | बिहार, उत्तर प्रदेश | सूर्य को जल अर्पण | नदी/तालाब में स्नान, सूर्य को अर्घ्य |
| ओणम नौका दौड़ | केरल | वर्षा और जल संस्कृति | सर्प नौका दौड़, सामूहिक उत्सव |
| गंगा दशहरा | उत्तर प्रदेश, बिहार | गंगा के धरती पर आगमन | गंगा स्नान, दीपदान |
| साङकेन/पोइ साङकेन | अरुणाचल प्रदेश, असम | बौद्ध नववर्ष, शुद्धिकरण | बुद्ध मूर्तियों का स्नान, जल छिड़काव, सामूहिक उत्सव |
शब्द-संपदा
| शब्द | अर्थ | आपकी भाषा में शब्द |
|---|---|---|
| कार्यालय | जहाँ प्रबंधकीय और लेखा-जोखा संबंधी काम किया जाता है। | |
| परिवार | कुटुंब, घराना। | |
| कतार | पंक्ति, श्रृंखला। | |
| स्वागत | किसी व्यक्ति/आगंतुक के आने पर सम्मान, प्रेम और प्रसन्नता से अभिवादन करना। | |
| दंडवत प्रणाम | दंड के समान सीधे धरती पर लेटकर किया जाने वाला प्रणाम। | |
| शोभायात्रा | जुलूस, उत्सव के रूप में लोगों का समूह बनाकर आगे बढ़ना। | |
| खपच्ची | लकड़ी या बाँस का पतला और लंबा टुकड़ा। | |
| अतिथि | मेहमान या आगंतुक। |
उत्तर:
| शब्द | अर्थ | आपकी भाषा में शब्द |
|---|---|---|
| कार्यालय | जहाँ प्रबंधकीय और लेखा-जोखा संबंधी काम किया जाता है। | दफ्तर |
| परिवार | कुटुंब, घराना। | घरवाले |
| कतार | पंक्ति, श्रृंखला। | लाइन |
| स्वागत | किसी व्यक्ति/आगंतुक के आने पर सम्मान, प्रेम और प्रसन्नता से अभिवादन करना। | अभिवादन |
| दंडवत प्रणाम | दंड के समान सीधे धरती पर लेटकर किया जाने वाला प्रणाम। | जमीन पर लेटकर नमस्कार |
| शोभायात्रा | जुलूस, उत्सव के रूप में लोगों का समूह बनाकर आगे बढ़ना। | जुलूस |
| खपच्ची | लकड़ी या बाँस का पतला और लंबा टुकड़ा। | पतली लकड़ी |
| अतिथि | मेहमान या आगंतुक। | मेहमान |
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