Class 1 Class 2 Class 3 Class 4 Class 5 Class 6 Class 7 Class 8

भारत जय तिरस्करे! Class 9 Summary | Hindi Chapter 9 Ganga

← Back to Hindi Class 9 गंगा

भारत जय तिरस्करे! Class 9 Summary हिंदी का एक महत्वपूर्ण पाठ है, जिसमें भारत की महानता, संस्कृति, प्रकृति और देशप्रेम की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पाठ में भारत के गौरवशाली स्वरूप और उसकी विशेषताओं का वर्णन करते हुए देश के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की गई है। यह अध्याय विद्यार्थियों को अपनी मातृभूमि, भारतीय संस्कृति और देश की विविधता के प्रति प्रेम और सम्मान रखने की प्रेरणा देता है।

भारत जय तिरस्करे! Class 9 Summary | Hindi Chapter 9 Ganga

भारत जय तिरस्करे! Class 9 Summary | Hindi Chapter 9 Ganga

कहानी का सारांश

“भारत, जय, तिरस्करे!”

कवि भारत की जय बोलता है और कहता है कि भारत का कोई तिरस्कार नहीं कर सकता।

“किक-शस्त्र-कमलधरे!”

भारत को शस्त्र और कमल धारण करने वाला बताया गया है – यानी वीरता और शांति दोनों का संगम।

“लंका पदतल शतदल, गत्ज्यतोत्स्म्य सागर-जल”

लंका विजय और समुद्र पार करने की घटना का उल्लेख है, जिससे भारत की वीरता और साहस दिखता है।

“धोता शुच चरण युगल, स्तव कर बुद-अर्थ्य-भरे!”

भारत के पवित्र चरण गंगा के जल से धुले हैं और विद्वान लोग उसकी स्तुति करते हैं।

“तरु-तृण-विलता वसन, अंचल में कंचित सुमन;”

भारत का वसन पेड़-पौधों और लताओं से बना है और उसका अंचल फूलों से सजा है।

“गंगा ज्योत्त्जल-कण, धवल धार हार गले।”

गंगा की पवित्र धारा भारत के गले में हार की तरह है।

“मुकुट शुभ्र तुषार, प्राण प्रणव ओंकार,”

हिमालय की सफेद बर्फ भारत का मुकुट है और उसकी आत्मा ओंकार (ॐ) है।

“ध्वनित दिशाएँ उदार, शत्मुख-शतरव-मुखरे!”

भारत की दिशाएँ उदार हैं और उसकी संस्कृति शांति और सौंदर्य से गूँजती है।

यह कविता भारत की महिमा और गौरव का वर्णन करती है। कवि भारत को पवित्र और महान भूमि बताता है। भारत को कमलधारी कहा गया है, यानी यह देश शांति और सौंदर्य का प्रतीक है। इसमें लंका विजय और समुद्र पार करने की घटनाओं का उल्लेख है, जिससे भारत की वीरता और साहस दिखाई देता है। गंगा की पवित्र धारा भारत के गले में हार की तरह मानी गई है, जो शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है। हिमालय की शुभ्र बर्फ भारत का मुकुट है और उसकी आत्मा ओंकार (ॐ) है, जो आध्यात्मिकता और शक्ति का प्रतीक है। भारत की दिशाएँ उदार हैं और उसकी संस्कृति शांति, सौंदर्य और आध्यात्मिकता से भरी हुई है।

इस कविता का मुख्य विषय है भारत की महिमा और गौरव। इसमें भारत को वीरता, पवित्रता और आध्यात्मिकता का संगम बताया गया है।

कहानी का विषय (Theme)

इस कविता का मुख्य विषय है भारत की महिमा और गौरव।

  • भारत वीरों की भूमि है।
  • भारत पवित्र नदियों और हिमालय से सुशोभित है।
  • भारत की संस्कृति शांति, सौंदर्य और आध्यात्मिकता से भरी है।
  • कवि भारत को देवभूमि और महान राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है।

लेखक का परिचय

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म 1899 ई. में बंगाल के महिषादल में हुआ। वे छायावादी कवि थे और हिंदी साहित्य में मुक्त छंद के प्रयोग के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ अनामिका, परिमल, गीतिका, कुकुरमुत्ता और नए पत्ते हैं। वे कवि, उपन्यासकार, आलोचक और निबंधकार भी थे। 1961 ई. में उनका निधन हुआ।

कहानी के प्रमुख पात्र

  • भारत – कविता का मुख्य विषय, जिसे महान और पवित्र बताया गया है।
  • गंगा – पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक।
  • हिमालय – शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक।
  • लंका विजय – भारत की वीरता और साहस का प्रतीक।

कहानी से मिलने वाली शिक्षा

कविता “भारति, जय, विजय करे” हमें मातृभूमि भारत की महिमा का गुणगान करने और राष्ट्रप्रेम व राष्ट्रीय गौरव की भावना को अपनाने की प्रेरणा देती है।

कठिन शब्द एवं उनके अर्थ

कठिन शब्दअर्थवाक्य
कमलधरेकमल धारण करने वालाभारत को कमलधरे कहा गया है।
धवलसफेद, शुद्धहिमालय की धवल बर्फ भारत का मुकुट है।
प्रणव ओंकारपवित्र ध्वनि “ॐ”भारत की आत्मा प्रणव ओंकार है।
तुषारहिम, बर्फहिमालय की तुषार भारत को शोभा देती है।
मुखरेगूँजने वालाभारत की दिशाएँ मुखरे होकर ध्वनि करती हैं।

कठिन शब्दों का उच्चारण

  • कमलधरे → क-म-ल-ध-रे
  • धवल → ध-वल
  • प्रणव → प्र-ण-व
  • ओंकार → ओं-का-र
  • तुषार → तु-शा-र
  • मुखरे → मु-ख-रे

वाक्यांश एवं मुहावरे

वाक्यांश एवं मुहावरेअर्थवाक्य
गंगा की धारापवित्रता का प्रतीकगंगा की धारा भारत को शुद्ध करती है।
हिमालय का मुकुटशक्ति और सौंदर्य का प्रतीकहिमालय भारत का मुकुट है।
ओंकार की ध्वनिआध्यात्मिकता का प्रतीकभारत की आत्मा ओंकार की ध्वनि है।
लंका विजयवीरता का प्रतीकलंका विजय भारत की वीरता को दर्शाती है।

शब्द भंडार

भारत, कमलधरे, गंगा, हिमालय, धवल, तुषार, ओंकार, मुकुट, विजय, वीरता, पवित्रता, संस्कृति।

Disclaimer: The content that is present on our website is based on the NCERT Class 9 Hindi Ganga textbook and is provided for educational purposes only. All the content and images have been taken from Hindi Class 9 NCERT Textbook and CBSE Support material. Images and content shown above are the property of individual organizations and are used here for reference purposes only. To make it easy to understand, some of the content and images are generated by AI and cross-checked by the teachers.

← Back to Hindi Class 9 गंगा

Leave a Comment