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हमारे ये कलामंदिर Class 9 Summary Hindi Chapter 6 Reva

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हमारे ये कलामंदिर Class 9 Summary Hindi Chapter 6 Reva का सरल और आसान भाषा में सारांश प्रस्तुत करता है। इस पाठ में कला, संस्कृति और कलाकारों के महत्व को समझाया गया है। यहाँ विद्यार्थियों को पाठ की मुख्य घटनाओं, विचारों और संदेश को सरल शब्दों में समझाया गया है, ताकि वे परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकें।

हमारे ये कलामंदिर Class 9 Summary Hindi Chapter 6 Reva

हमारे ये कलामंदिर Class 9 Summary Hindi Chapter 6 Reva

कहानी का सारांश

कहानी में वनशा अपनी मौसी के साथ दशहरे की छुट्टियों में अजंता और एलोरा की गुफाएँ देखने जाती है। अजंता पहुँचकर वह देखती है कि पहाड़ों को काटकर बनाई गई 29 गुफाएँ कितनी सुंदर हैं। गुफाओं की दीवारों पर गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े चित्र बने हैं – जैसे घर छोड़ना, उपदेश देना, भिक्षा माँगना आदि। इन चित्रों में रंग इतने सुंदर हैं कि सैकड़ों साल बाद भी फीके नहीं पड़े। चित्रों में चेहरे के भाव, हाथों की मुद्राएँ और जीवन की झलक बहुत अद्भुत लगती है।

एलोरा पहुँचकर वनशा देखती है कि पहाड़ों को काटकर लगभग 30 मंदिर बनाए गए हैं। इनमें बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियाँ हैं। सबसे प्रसिद्ध है कैलाश मंदिर, जो पूरे पहाड़ को ऊपर से काटकर बनाया गया है। वनशा को यह देखकर आश्चर्य होता है कि सैकड़ों साल पहले भी भारत में कला का इतना अद्भुत विकास हो चुका था।

कहानी का विषय (Theme)

इस अध्याय का मुख्य विषय है – भारतीय कला और संस्कृति की महानता। अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाती हैं कि हमारे देश में प्राचीन समय से ही कला, मूर्तिकला और चित्रकला का अद्भुत विकास हुआ था। यह हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना सिखाती हैं।

लेखक परिचय

इस पाठ की लेखिका गीता श्रीवास्तव (NCERT पाठ्यपुस्तक में संकलित) हैं। उन्होंने बच्चों के लिए सरल भाषा में भारतीय संस्कृति और कला का परिचय कराया है। उनकी रचनाएँ शिक्षाप्रद और रोचक होती हैं।

प्रमुख पात्र

  • वनशा – जो गुफाओं को देखकर आश्चर्य और खुशी महसूस करती है।
  • मौसी – जो वनशा को अजंता और एलोरा की जानकारी देती है।
  • अजंता और एलोरा की गुफाएँ – जो भारतीय कला और संस्कृति का प्रतीक हैं।

कविता से मिलने वाली शिक्षा

इस अध्याय से शिक्षा मिलती है कि हमें अपनी प्राचीन कला और संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। यह बताता है कि भारत में सैकड़ों साल पहले भी अद्भुत चित्रकला और मूर्तिकला का विकास हुआ था। हमें अपनी धरोहर को समझना और सुरक्षित रखना चाहिए।

कठिन शब्द एवं अर्थ

कठिन शब्दअर्थवाक्य
उत्सुकताजानने की इच्छावनशा को गुफाएँ देखने की उत्सुकता थी।
मनोरमसुंदर, आकर्षकअजंता का दृश्य बहुत मनोरम था।
सजीवजीवित जैसाचित्र इतने सजीव थे कि बोलते हुए लगते थे।
कारीगरीकला का काममूर्तियों की कारीगरी अद्भुत थी।
अद्भुतआश्चर्यजनककैलाश मंदिर की रचना अद्भुत है।

कठिन शब्दों का उच्चारण

  • उत्सुकता → ut-su-kta
  • मनोरम → ma-no-ram
  • सजीव → sa-jeev
  • कारीगरी → ka-ri-ga-ri
  • अद्भुत → ad-bhut

वाक्यांश एवं मुहावरे

वाक्यांश एवं मुहावरेअर्थवाक्य
वाह निकलनाआश्चर्य और खुशी व्यक्त करनाचित्र देखकर वनशा के मुँह से “वाह” निकल पड़ा।
आश्चर्यचकित होनाचकित होनावनशा गुफाओं की सुंदरता देखकर आश्चर्यचकित हो गई।
देखते ही बननाबहुत सुंदर होनामूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी।

शब्द भंडार

अजंता, एलोरा, गुफाएँ, चित्रकला, मूर्तिकला, गौतम बुद्ध, कैलाश मंदिर, उत्सुकता, मनोरम, सजीव, अद्भुत, कारीगरी, संस्कृति, धरोहर।

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