बसंती हवा Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 4 में पाठ से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल और आसान उत्तर दिए गए हैं। यह अध्याय बसंत ऋतु की सुंदरता, प्रकृति के मनमोहक रूप और बसंती हवा के चंचल स्वभाव को दर्शाता है। विद्यार्थियों को पाठ के प्रश्नों को समझने और परीक्षा की तैयारी करने में यह प्रश्न-उत्तर सामग्री उपयोगी होगी।

बसंती हवा Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 4
बातचीत के लिए,
1. इस कविता में कौन अपना परिचय दे रहा है?
उत्तर: इस कविता में बसंती हवा अपना परिचय दे रही है। वह खुद को स्वतंत्र, मस्तमौला और बिंदास बताती है।
2. जब आप अपना परिचय किसी को देते हैं तो अपनी किन विशेषताओं को बताते हैं?
उत्तर: जब हम अपना परिचय देते हैं तो अपना नाम, पढ़ाई, शौक और अच्छे गुण बताते हैं। जैसे – ईमानदारी, मेहनत, दोस्ताना स्वभाव और आत्मविश्वास।
3. आपकी ये विशेषताएँ सामने वाले पर क्या प्रभाव डालती हैं?
उत्तर: हमारी अच्छी विशेषताएँ सामने वाले को प्रभावित करती हैं। वह हमें पसंद करता है, भरोसा करता है और हमारे साथ अच्छा व्यवहार करता है। इससे दोस्ती और विश्वास बढ़ता है।
4. कविता में बसंती हवा ने अपनी किन-किन खूबियों की बात की है?
उत्तर: बसंती हवा ने कहा कि वह स्वतंत्र है, मस्तमौला है, निर्भय है और हर जगह घूमती है। वह सबको खुशी, उमंग और हँसी देती है।
मेरी समझ से
नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे उपयुक्त उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए।
1. बसंती हवा का मुख्य गुण क्या है?
(क) गंभीरता
(ख) चंचलता
(ग) क्रोध
(घ) आलस्य
उत्तर: (ख) चंचलता
2. बसंती हवा ने अपने आपको किससे अलग बताया है?
(क) पक्षियों से
(ख) पेड़ों से
(ग) अन्य मुसाफिरों से
(घ) फूलों से
उत्तर: (ग) अन्य मुसाफ़िरों से
3. बसंती हवा के कारण मनुष्य के मन में कौन-सा भाव उत्पन्न होता है?
(क) भय
(ख) क्रोध
(ग) प्रसन्नता
(घ) ईर्ष्या
उत्तर: (ग) प्रसन्नता
4. बसंती हवा ने अपने आप को अजब मुसाफिर क्यों कहा है?
(क) वह बहुत धीमे चलती है।
(ख) वह केवल रात में चलती है।
(ग) उसके पास बहुत सारा सामान है।
(घ) वह निडर और स्वतंत्र रूप से हर जगह घूमती है।
उत्तर: (घ) वह निडर और स्वतंत्र रूप से हर जगह घूमती है
5. कविता में बसंती हवा का प्रभाव किस पर पड़ता है?
(क) केवल फूलों पर
(ख) केवल खेतों पर
(ग) संपूर्ण प्रकृति पर
(घ) केवल पक्षियों पर
उत्तर: (ग) संपूर्ण प्रकृति पर
| संकेत – आपके अनुसार जो सबसे उपयुक्त उत्तर है, उसे चुनिए। फिर अपने साथियों के साथ उसे साझा कीजिए। ध्यान दीजिए कि क्या उन्होंने भी वही उत्तर चुना है। एक-दूसरे से अपने उत्तर चुनने के कारणों की चर्चा कीजिए। |
सोचिए और लिखिए
1. बसंती हवा अपना परिचय कैसे देती है?
उत्तर: बसंती हवा खुद को स्वतंत्र, मस्तमौला और बिंदास बताती है। वह कहती है कि जहाँ चाहती है वहाँ घूमती है और सबको खुशी देती है।
2. कविता में बसंती हवा का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है?
उत्तर: बसंती हवा का निर्भय और स्वतंत्र स्वभाव सबसे अधिक प्रभावित करता है। वह बिना किसी डर के हर जगह घूमती है और सबको आनंद देती है।
3. कविता में एक जगह बसंती हवा हार मान लेती है। उन पंक्तियों को खोजकर लिखिए।
उत्तर: कविता में बसंती हवा कहती है – “इसी हार को पा, वहलाई न सरसों, झुलाई न सरसों।” यहाँ वह मानती है कि सरसों को वह हिला-झुला नहीं पाई।
4. ‘बसंती हवा’ कविता क्या संदेश देती है?
उत्तर: यह कविता हमें स्वतंत्रता, उमंग और खुशी का संदेश देती है। बसंती हवा बताती है कि जीवन में बिंदास रहना चाहिए और सबको आनंद देना चाहिए।
5. बसंती हवा सरसों को क्यों नहीं हिला-झुला पाई?
उत्तर: सरसों का पौधा मजबूत होता है, इसलिए बसंती हवा उसे हिला-झुला नहीं पाई। यही उसकी हार थी।
भाषा की ओर
1. जब किसी नाम को बार-बार दोहराने से बचने के लिए उसके स्थान पर दूसरे शब्दों की आवश्यकता होती है, तब सर्वनाम का उपयोग होता है। सर्वनाम के प्रयोग से वाक्य अधिक सुंदर और प्रभावशाली बनते हैं।
“हवा हूँ, हवा मैं, बसंती हवा हूँ!”
- पंक्ति में ‘मैं’ शब्द किसके लिए आया है? ……………
- आप अपने मित्र के नाम के बदले किस शब्द का प्रयोग करेंगे? ……………
- आप अपने से बड़ों के नाम के बदले किन शब्दों का प्रयोग करेंगे? ……………
उत्तर:
- हवा
- अपने मित्र के नाम के बदले हम वह / तुम / दोस्त जैसे शब्दों का प्रयोग करेंगे।
- अपने से बड़ों के नाम के बदले हम आप / श्रीमान / माता‑पिता / गुरुजी जैसे शब्दों का प्रयोग करेंगे।
2. नीचे वाक्यों में दिए गए रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का चयन कर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
| शत्रु, | भयभीत, | जीत, | बड़ा |
- मेरी सहेली निडर है परंतु शेर को देखकर ………………. हो गई।
- चूहा बहुत छोटा होता है लेकिन हाथी बहुत ………………. होता है।
- शेखर के सरल स्वभाव के कारण उसका कोई शत्रु नहीं था, सभी उसके ………………. थे।
- मैच में हार जाने वाली टीम ने ………………. जाने वाली टीम को बधाई दी।
कविता की इन पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए—
- खड़ी देख अवसी
- लिए शीश किसी,
ऐसे शब्द जिनके अंत में एक जैसी या मिलती-जुलती ध्वनि हो, उन्हें तुकांत शब्द कहते हैं।
उत्तर:
- मेरी सहेली निडर है परंतु शेर को देखकर भयभीत हो गई।
- चूहा बहुत छोटा होता है लेकिन हाथी बहुत बड़ा होता है।
- शेखर के सरल स्वभाव के कारण उसका कोई शत्रु नहीं था, सभी उसके मित्र थे।
- मैच में हार जाने वाली टीम ने जीत जाने वाली टीम को बधाई दी।
3. नीचे दिए गए एक जैसी या मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्दों पर गोला बनाइए—
- जिधर – उधर, मगन, कमरा
- हिलाई – चलाना, झुलाई, सिकाई
- मनाया – पकाया, चलाया, बनाना
| “हवा हूँ, हवा मैं, बसंती हवा हूँ!” ‘हवा’ के लिए हम पवन, समीर, वात, बयार, अनिल, मारुत जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। मिलते-जुलते या समान अर्थ वाले ऐसे शब्दों को समानार्थी शब्द कहते हैं। |
उत्तर:
तुकांत शब्द वे होते हैं जिनके अंत में एक जैसी ध्वनि होती है।
- जिधर – उधर
- हिलाई – झुलाई
- मनाया – चलाया
4. नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर घेरा बनाइए—
- नदी – सरिता, तटिनी, नहर
- पोखर – तालाब, प्रपात, सरोवर
- घर – आवास, सदन, मंजिल
- पेड़ – तरु, पौधा, वृक्ष
उत्तर:
समानार्थी शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ मिलता‑जुलता होता है।
- नदी – सरिता, तटिनी, नहर
- पोखर – तालाब, सरोवर
- घर – आवास, सदन, मंजिल
- पेड़ – तरु, पौधा, वृक्ष
5. बसंती हवा हूँ
‘बसंती’ शब्द में अनुस्वार (ं) का प्रयोग हुआ है और ‘हूँ’ शब्द में अनुनासिक (ँ) का प्रयोग हुआ है। आप इन शब्दों में अनुस्वार (ं) या अनुनासिक (ँ) लगाकर शब्द लिखिए—
| नही | |
| वहाँ | |
| पहुँची | |
| सरसो | |
| हसे |
उत्तर:
| नही | नहीं |
| वहाँ | वहाँ |
| पहुँची | पहुँची |
| सरसो | सरसों |
| हसे | हँसे |
पाठ से आगे
1. जिस तरह बसंती हवा अपना परिचय कविता में दे रही है, आप कक्षा में अपना परिचय दीजिए।
उत्तर: मेरा नाम अनुराग है। मैं पढ़ाई में मेहनती हूँ और हिंदी साहित्य में रुचि रखता हूँ। मुझे किताबें पढ़ना और नए विषय सीखना पसंद है। मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करता हूँ और सबकी मदद करने की कोशिश करता हूँ।
2. भारत की ऋतुओं में बसंत ऋतु के महत्व पर एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर: बसंत ऋतु भारत की सबसे सुंदर ऋतु है। इस समय पेड़‑पौधे फूलों से भर जाते हैं, खेतों में नई फसल लहलहाती है और वातावरण खुशियों से भर जाता है। इसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है। बसंत ऋतु हमें नई ऊर्जा, उमंग और जीवन में ताजगी देती है।
3. आज हवा भी प्रदूषित हो रही है। वायु प्रदूषण के कारणों पर चर्चा कीजिए और उसकी रोकथाम के लिए उपाय बताइए।
उत्तर: वायु प्रदूषण के मुख्य कारण हैं – फैक्ट्रियों का धुआँ, वाहनों से निकलने वाला धुआँ, कचरे का जलना और पेड़ों की कटाई। इसकी रोकथाम के लिए हमें अधिक पेड़ लगाने चाहिए, वाहनों का कम प्रयोग करना चाहिए और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नियंत्रण रखना चाहिए। स्वच्छ हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है।
4. कल्पना कीजिए यदि प्रकृति में सुंदर-सुंदर रंग नहीं होते तो कैसा लगता?
उत्तर: यदि प्रकृति में सुंदर रंग नहीं होते तो जीवन बहुत नीरस और उदास लगता। फूल, पेड़, आसमान और नदियाँ सब फीके दिखाई देते। रंगों से ही प्रकृति में सुंदरता और खुशी आती है। बिना रंगों के दुनिया बेरंग और बेजान हो जाती।
खोजबीन
नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ी (लिंक) का प्रयोग करके आप इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं।
उत्तर: कविता में बसंती हवा खुद अपना परिचय देती है। वह कहती है कि वह स्वतंत्र, मस्तमौला और बिंदास है। हवा गाँव, शहर, नदी, खेत और पेड़ों में घूमती है। वह महुआ और आम के पेड़ों को हिलाती है, गेहूँ और सरसों के खेतों में लहर पैदा करती है। अरहर की फसल को भी झकझोरती है और सबको हँसी‑खुशी से भर देती है।
बसंती हवा का स्वभाव है – स्वतंत्रता, आनंद और जीवन में ताजगी लाना। वह बताती है कि उसका कोई घर‑बार नहीं है, कोई बंधन नहीं है, वह जहाँ चाहती है वहाँ घूमती है। कभी‑कभी वह हार भी मानती है, जैसे सरसों को हिला‑झुला नहीं पाई। लेकिन उसका असली काम है सबको खुशी और उमंग देना।
शब्द-संदर्भ
| शब्द | अर्थ | आपकी भाषा में शब्द |
|---|---|---|
| बसंती हवा | वसंत ऋतु में चलने वाली हवा | बसंत की बयार |
| बावली | पगली, सनकी | पगली |
| मस्तमौला | आजाद तबीयत का, सदा मस्त रहने वाला | बिंदास |
| मुसाफिर | यात्री | राहगीर |
| अजब | अनोखा, विचित्र | निराला |
| पोखर | तालाब | सरोवर |
| महुआ | एक प्रकार का पेड़, जिसके फल-फूल खाने के काम आते हैं | फलदार पेड़ |
| झकोरा | जोर से हिलाया | झटका |
| अलसी | तीसी, सरसों की तरह तेल के काम आने वाली | तेली बीज |
| कलसी | छोटा घड़ा, गगरी | पानी का घड़ा |
| अरहरी | अरहर का पौधा, दाल के रूप में प्रयुक्त एक अनाज | अरहर |
| लहलहाते | प्रसन्नचित्त, प्रफुल्लित, खुशी से भरे हुए | झूमते हुए |
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