Class 1 Class 2 Class 3 Class 4 Class 5 Class 6 Class 7 Class 8

घर की याद Class 9 Summary | Hindi Chapter 12 Ganga

← Back to Hindi Class 9 गंगा

घर की याद Class 9 Summary | Hindi Chapter 12 Ganga में ‘घर की याद’ कविता का सरल भाषा में सारांश दिया गया है। इस कविता में कवि ने घर से दूर रहने पर अपने परिवार और घर की याद से उत्पन्न भावनाओं को व्यक्त किया है। कविता में वर्षा के वातावरण, माता-पिता के प्रति प्रेम और घर से जुड़े भावनात्मक लगाव का सुंदर चित्रण मिलता है। यह Summary विद्यार्थियों को कविता के मुख्य भाव, भावनात्मक पक्ष और संदेश को आसान भाषा में समझने में मदद करेगी।

घर की याद Class 9 Summary | Hindi Chapter 12 Ganga

घर की याद Class 9 Summary | Hindi Chapter 12 Ganga

कहानी का सारांश

भवानीप्रसाद मिश्र की कविता घर की याद स्वतंत्रता संग्राम के समय जेल में लिखी गई थी। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण कवि को तीन वर्ष की सजा हुई। जेल में रहते हुए उन्हें अपने घर और परिवार की बहुत याद आती थी। इस कविता में कवि ने बादलों को संदेशवाहक बनाया है और उनसे कहा है कि वे परिवार तक संदेश पहुँचाएँ, लेकिन उनके दुख की बातें न बताएँ। कविता में माँ का स्नेह, पिता का साहस, भाई-बहनों का अपनापन और घर का वातावरण बार-बार उभरता है।

कवि अपने दुख को छुपाकर परिवार को धैर्य और सांत्वना देना चाहता है। पात्रों में कवि स्वयं, उनकी माँ, पिता, चार भाई, चार बहनें और अन्य परिवारजन शामिल हैं। कविता में बरसात, बादल, हवा और पानी के माध्यम से भावनाओं का चित्रण किया गया है। इसका मुख्य विषय है – परिवार का प्रेम, त्याग, धैर्य और स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान। यह कविता हमें सिखाती है कि कठिन समय में भी परिवार को आशा और साहस देना चाहिए।

कहानी का विषय (Theme)

भवानीप्रसाद मिश्र की कविता घर की याद का मुख्य विषय है – परिवार का प्रेम और अपनापन। जेल में रहते हुए कवि को अपने घर, माँ, पिता, भाई-बहनों और परिवार की बहुत याद आती है। वह चाहता है कि उसके दुख की बातें परिवार तक न पहुँचें, बल्कि उन्हें धैर्य और सांत्वना मिले।

कविता में देशप्रेम और बलिदान भी झलकता है क्योंकि कवि स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गया था। साथ ही, प्रकृति (बादल, बरसात, हवा, पानी) को कवि ने अपनी भावनाओं का माध्यम बनाया है।

लेखक का परिचय

भवानीप्रसाद मिश्र का जन्म 1913 में मध्यप्रदेश के होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम) में हुआ। वे हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और जेल भी गए। उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – गीत-फ़रोश, खुशबू के शिलालेख, अँधेरी कविताएँ, बुनी हुई रस्सी, गांधी पंचशती आदि।

बुनी हुई रस्सी पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। वे कल्पना पत्रिका के संपादक और आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। 1985 में उनका निधन हुआ।

कहानी के प्रमुख पात्र

  • कवि स्वयं – जेल में रहते हुए परिवार को याद करते हैं।
  • माँ – स्नेह और गोद की याद।
  • पिता – साहसी और दृढ़ व्यक्तित्व।
  • भाई-बहन – चार भाई और चार बहनें।
  • अन्य परिवारजन – भौजी, सरला आदि।
  • प्रकृति – बादल, बरसात, हवा और पानी।

कहानी से मिलने वाली शिक्षा

भवानीप्रसाद मिश्र की कविता घर की याद हमें यह सिखाती है कि कठिन समय में भी परिवार को धैर्य और आशा देना चाहिए। इसमें देशप्रेम और बलिदान को सबसे बड़ा कर्तव्य बताया गया है। साथ ही, यह कविता दिखाती है कि परिवार का स्नेह और अपनापन जीवन में शक्ति और साहस देता है।

कठिन शब्द एवं उनके अर्थ

कठिन शब्दअर्थवाक्य
मगरनाबरसना या गिरना।बाहर बादल बहुत मगर रहे हैं।
सांत्वनादिलासा देना।माँ ने मुझे दुख में सांत्वना दी।
तरसदुख या पीड़ा।गरीब बच्चों को देखकर मन में गहरा तरस हुआ।
अपनापननिकटता और प्रेम।परिवार का अपनापन हमें शक्ति देता है।
धैर्यसंयम और साहस।कठिन समय में हमें धैर्य रखना चाहिए।
बलिदानत्याग करना।स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया।
स्नेहप्रेम और लगाव।माँ का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
संघर्षकठिनाइयों से लड़ना।स्वतंत्रता पाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।

कठिन शब्दों का उच्चारण

  • मगरना → ma-gar-na
  • सांत्वना → saan-tva-na
  • तरस → ta-ras
  • अपनापन → a-pa-na-pan
  • धैर्य → dhai-rya
  • बलिदान → ba-li-daan
  • स्नेह → sneh
  • संघर्ष → sang-harsh

वाक्यांश एवं मुहावरे

वाक्यांश एवं मुहावरेअर्थवाक्य
सोने पर सुहागापहले से अच्छी चीज़ पर और अच्छा होना।अच्छे अंक मिलने पर पुरस्कार भी मिल गया, यह तो सोने पर सुहागा है।
धीर देनासाहस दिलाना।कठिन समय में माँ ने मुझे धीर दिया।
दुख छुपानाअपने कष्ट को न बताना।कवि ने जेल का दुख परिवार से छुपाया।
तरस खानादया करना।गरीबों पर हमें तरस खाना चाहिए।
स्नेह-धाराप्रेम की धारा।माँ की स्नेह-धारा से कवि को शक्ति मिलती है।
संघर्ष करनाकठिनाइयों से लड़ना।स्वतंत्रता सेनानियों ने आज़ादी के लिए लंबा संघर्ष किया।

शब्द भंडार

  • परिवार – घर के सदस्य, अपनापन।
  • स्नेह – प्रेम और लगाव।
  • अपनापन – निकटता और आत्मीयता।
  • धैर्य – संयम और साहस।
  • बलिदान – त्याग करना।
  • संघर्ष – कठिनाइयों से लड़ना।
  • देशप्रेम – राष्ट्र के प्रति प्रेम।
  • याद – स्मृति, याद करना।
  • सांत्वना – दिलासा देना।
  • तरस – दुख या पीड़ा।
  • प्रकृति – बादल, बरसात, हवा, पानी।
  • संवेदना – भावनाएँ और अनुभव।

Disclaimer: The content that is present on our website is based on the NCERT Class 9 Hindi Ganga textbook and is provided for educational purposes only. All the content and images have been taken from Hindi Class 9 NCERT Textbook and CBSE Support material. Images and content shown above are the property of individual organizations and are used here for reference purposes only. To make it easy to understand, some of the content and images are generated by AI and cross-checked by the teachers.

← Back to Hindi Class 9 गंगा

Leave a Comment