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मैं और मेरा देश Class 9 NCERT Solutions | Hindi Ganga Chapter 7

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मैं और मेरा देश Class 9 NCERT Solutions | Hindi Ganga Chapter 7 में पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके सरल एवं आसान उत्तर दिए गए हैं। इस पाठ में देश के प्रति प्रेम, नागरिक कर्तव्य, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और देश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को समझाया गया है। यहाँ दिए गए उत्तर पाठ के आधार पर सरल भाषा में तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी अध्याय को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें।

मैं और मेरा देश Class 9 NCERT Solutions  Hindi Ganga Chapter 7

मैं और मेरा देश Class 9 NCERT Solutions | Hindi Ganga Chapter 7

उत्तर, मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं?

Q1. “एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई”, इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है?
(क) पूर्णता के भाव की तुष्टि
(ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति
(ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार
(घ) सुख-सुविधाओं का अभाव

उत्तर: (ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार

तर्क: “दीवार में दरार” का मतलब है कि लेखक को यह एहसास हुआ कि उसकी व्यक्तिगत खुशी और पूर्णता अधूरी है, जब तक देश स्वतंत्र और सम्मानित न हो।

Q2. निबंध में कहा गया है कि “ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।” लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है?
(क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का
(ख) बात का निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाले प्रश्नों का
(ग) बिना किसी संदर्भ के पूछे गए प्रश्नों का
(घ) किसी की समझ का आकलन करने वाले प्रश्नों का

उत्तर: (ख) बात का निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाले प्रश्नों का

तर्क: लेखक को ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है जो किसी गहरी सोच का निष्कर्ष निकालते हैं और जीवन को आगे बढ़ाने का अवसर देते हैं।

Q3. “अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए”, इस वाक्य में पराधीनता के दिनों को दीन कहा गया है क्योंकि पराधीन भारत में—
(क) भोजन, आवास और वस्त्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
(ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था।
(ग) महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता थी।
(घ) धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने पर रोक लगाई जाती थी।

उत्तर: (ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था

तर्क: पराधीन भारत में सबसे बड़ी पीड़ा यही थी कि स्वतंत्रता छिन गई थी और नागरिकों का आत्मसम्मान दबा हुआ था।

Q4. निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि—
(क) उन्हें विदेश भ्रमण के अवसर न मिलें।
(ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।
(ग) उनके नगर की शासन-प्रणाली कमजोर हो।
(घ) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होता हो।

उत्तर: (ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो

तर्क: लेखक कहता है कि चाहे व्यक्ति साधन-संपन्न हो, विदेश घूम आए, लेकिन यदि उसका देश गुलाम है तो उसे गौरव का अनुभव नहीं हो सकता।

Q5. “पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी मात्र है”, इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘गाँठ’ किन दो बातों को साथ बाँधती है?
(क) देश और नागरिक
(ख) देश और संविधान
(ग) देश और विदेश
(घ) व्यवसाय और आजीविका

उत्तर: (क) देश और नागरिक

तर्क: ‘गाँठ’ शब्द यहाँ नागरिक और देश को जोड़ता है। नागरिक का आचरण सीधे देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से जुड़ा होता है।

Q6. प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?
(क) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था
(ख) पारिवारिक संबंधों का महत्त्व
(ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध
(घ) देश का महत्त्व और व्यक्ति की उपेक्षा

उत्तर: (ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध

तर्क: पूरे निबंध का मुख्य भाव यही है कि व्यक्ति और देश अलग नहीं हैं। नागरिक का सम्मान और देश का सम्मान एक-दूसरे से जुड़े हैं।

मेरी समझ, मेरे विचार

नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए—

Q1. स्वामी रामतीर्थ फल देने वाले युवक का उत्तर सुनकर मुग्ध क्यों हो गए?

उत्तर: स्वामी रामतीर्थ उस युवक की भावना से प्रभावित हुए। उसने फल देकर कहा कि यदि आप मूल्य देना चाहते हैं तो अपने देश जाकर यह कह दीजिए कि जापान में अच्छे फल मिलते हैं।

Q2. जापान के युवक ने स्वामी रामतीर्थ को दिए गए फलों के मूल्य के रूप में क्या माँगा? आपके मत में उस युवक के व्यक्तित्व की कौन-सी छवि उभरती है, यह भी लिखिए।

उत्तर: युवक ने मूल्य के रूप में केवल यह माँगा कि स्वामी जी अपने देश जाकर कहें—“जापान में अच्छे फल मिलते हैं।”

Q3. “बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीज़ तो हैं ही नहीं।” स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे क्या तर्क हो सकते हैं, उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लेखक का तर्क है कि व्यक्ति का सम्मान और देश का सम्मान एक-दूसरे से जुड़े हैं। यदि नागरिक कोई अच्छा काम करता है तो देश का गौरव बढ़ता है, और यदि वह गलती करता है तो देश की छवि खराब होती है।

मेरे अनुभव, मेरे विचार

Q1. “देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उनकी हीनता और गौरव का फल भी उनके देश को मिलता है।” अपने आस-पास के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस पंक्ति का भाव है कि नागरिक का आचरण देश की छवि से जुड़ा होता है। यदि कोई नागरिक अच्छा काम करता है तो उसका गौरव पूरे देश को मिलता है, और यदि कोई गलत काम करता है तो उसका कलंक भी देश पर लगता है। उदाहरण:

  • खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीतता है तो देश का नाम ऊँचा होता है।
  • यदि कोई नागरिक विदेश में अनुचित व्यवहार करता है तो देश की छवि खराब होती है।

Q2. “मुझे बहुतों की अपने लिए ज़रूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की ज़रूरत का उनके लिए जवाब था।”
(क) प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक आप अपने किन-किन कार्यों में किन-किन का क्या सहयोग लेते हैं और आप दूसरों को किस तरह का सहयोग देते हैं? अपने अनुभव लिखिए।
(ख) उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द ‘बहुतों’ में कौन-कौन सम्मिलित होंगे, अनुमान के आधार पर लिखिए।
(ग) रचनाकार को स्वयं के लिए दूसरे लोगों से किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी और वह दूसरों को किस प्रकार का सहयोग देता होगा, अनुमान के आधार पर लिखिए।

उत्तर:

(क) सुबह से रात तक हम कई लोगों का सहयोग लेते हैं—जैसे परिवार से भोजन, शिक्षक से शिक्षा, दुकानदार से सामान। हम दूसरों को मदद देकर सहयोग करते हैं—जैसे मित्रों को पढ़ाई में मदद, पड़ोसियों को सहारा देना।
(ख) ‘बहुतों’ में परिवार, पड़ोसी, मित्र, शिक्षक, दुकानदार, किसान, डॉक्टर आदि सम्मिलित होंगे।
(ग) लेखक को दूसरों से ज्ञान, प्रेम और सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी और वह दूसरों को सेवा, सम्मान और मदद देता होगा।

Q3. “सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”
(क) उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित अंश “युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता” के आधार पर लिखिए कि देश की प्रगति, विकास एवं सुरक्षा के प्रति हम सभी के क्या-क्या दायित्व हैं? अपने उत्तर को विस्तार देने के लिए अपने घर या पास-पड़ोस के बड़ों और अध्यापक से चर्चा करके लिखिए।
(ख) अपने पास-पड़ोस में विचरण करने वाले पशु-पक्षियों की जीवनचर्या का अवलोकन कीजिए और अपने अवलोकन के आधार पर लिखिए कि आप उनके संघर्षों को किस रूप में देखते हैं?
(संकेत— आप अपनी पाठ्यपुस्तक में दी गई कहानी ‘दो बैलों की कथा’ के मुख्य पात्रों के अनुभवों को भी आधार बना सकते हैं।)
(ग) इस निबंध में जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है? आप अपने घर के बड़ों से इस विषय पर चर्चा करके उनके और अपने विचार लिखिए।
(घ) देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा सैनिक करते हैं। इसी तरह हमारे आस-पास हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक लोग कार्यरत हैं। ये कौन-कौन लोग हैं और उनके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?

उत्तर:

(क) देश की प्रगति और सुरक्षा के लिए हम सबका दायित्व है—ईमानदारी से काम करना, शिक्षा प्राप्त करना, पर्यावरण की रक्षा करना और सैनिकों का सम्मान करना।
(ख) पशु-पक्षियों का जीवन भी संघर्ष से भरा है। वे भोजन खोजते हैं, मौसम से लड़ते हैं। यह हमें सिखाता है कि जीवन में मेहनत और धैर्य जरूरी है।
(ग) जीवन को युद्ध कहा गया है क्योंकि इसमें निरंतर संघर्ष और चुनौतियाँ होती हैं। हर व्यक्ति को अपने हिस्से का संघर्ष करना पड़ता है।
(घ) हमारे आस-पास शिक्षक, किसान, सफाईकर्मी, डॉक्टर, पुलिस आदि काम करते हैं। हम उनके लिए सम्मान, सहयोग और स्वच्छता बनाए रख सकते हैं।

Q4. “अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।”
(क) उपर्युक्त पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?
(ख) वर्तमान समय में ऐसे संबंधों में किस तरह के परिवर्तन आए हैं और इसके क्या कारण हो सकते हैं? लिखिए।

उत्तर:

(क) पड़ोस में प्रेम, सहयोग और अपनापन था। लोग एक-दूसरे की मदद करते थे और बच्चों को दुलार देते थे।
(ख) आज ऐसे संबंध कमजोर हो गए हैं। कारण हैं—व्यस्त जीवन, तकनीक पर निर्भरता और व्यक्तिगत सोच।

Q5. “क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से स्नेह लगता है?”
अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्त्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?

उत्तर: हम और हमारे साथी विद्यालय और घर के आस-पास सफाई रखते हैं, कूड़ा सही जगह डालते हैं, पौधे लगाते हैं और ऐतिहासिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाते। इससे सौंदर्य और स्वच्छता बनी रहती है।

Q6. “मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।” देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें? अपने-अपने समूह में इसकी चर्चा कीजिए और चर्चा से उभरे बिंदुओं को प्रातःकालीन सभा में पढ़कर सुनाइए।

उत्तर: देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे इसके लिए हमें ईमानदारी, अनुशासन और देशभक्ति अपनानी चाहिए। चोरी, भ्रष्टाचार, हिंसा और अपमानजनक कार्य नहीं करने चाहिए।
बिंदु:

  • करें → स्वच्छता, सहयोग, सत्य बोलना, देश का गौरव बढ़ाना।
  • न करें → झूठ, भ्रष्टाचार, अपमानजनक व्यवहार, देश की छवि खराब करना।

मेरे प्रश्न

“ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।”

निबंध के उपर्युक्त संदर्भ से आपके लिए दो प्रश्न बनाए गए हैं—

(क) रचनाकार को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है?

उत्तर: रचनाकार को ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है जो गहरी सोच को आगे बढ़ाते हैं और किसी निष्कर्ष तक पहुँचाते हैं।

(ख) आपको किस तरह के प्रश्नों को बूझना रोचक लगता है?

उत्तर: मुझे ऐसे प्रश्न रोचक लगते हैं जिनसे नई जानकारी मिले, सोचने का अवसर मिले और जीवन या समाज से जुड़ी सीख समझ में आए।

अब इस निबंध के आलोक में नीचे दी गई सामग्री को पढ़कर तीन प्रश्न बनाइए और लिखिए।

यह सोचना एकदम निराधार है कि केवल संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति और विकास में योगदान दे सकते हैं। देश की सुरक्षा का विषय हो अथवा ऐश्वर्य व संपन्नता का, सभी नागरिकों का अपनी ही तरह से योगदान होता है। हम सब नागरिक अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम यदि कुछ भी गलत करते हैं तो उससे अपनी छवि ही धूमिल नहीं होती, अपितु अपने देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उत्तर: निबंध के आलोक में तीन प्रश्न

  • नागरिक का योगदान – देश की प्रगति में साधारण नागरिक किस तरह योगदान दे सकता है?
  • देश की छवि – यदि कोई नागरिक गलत काम करता है तो देश की छवि पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  • समान जिम्मेदारी – देश की सुरक्षा और विकास में सभी नागरिकों की समान जिम्मेदारी क्यों होती है?

विद्या संवाद

आपने अब तक अपनी पाठ्यपुस्तकों और अन्य पुस्तकों में बहुत से निबंध पढ़े होंगे और लिखे भी होंगे। निबंध लिखने से पहले किस तरह की तैयारी करते हैं? आइए, इस विधा से संबंधित कुछ विचार-विमर्श करते हैं—

Q1. ‘निबंध’ का शाब्दिक अर्थ है— ‘बाँधना’ (नि + बंध)। अर्थात भली-भाँति बँधा या गुँथा हुआ। यह गद्य की वह विधा है जिसमें रचनाकार किसी विषय पर अपने अनुभव, विचार, दृष्टिकोण और भावनाओं को तार्किक, भावनात्मक, क्रमबद्ध और साहित्यिक रूप से प्रस्तुत करते हैं। एक विधा के रूप में निबंध की कुछ विशेषताओं को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है—

HINDI CHAPTER 7

उपर्युक्त बिंदुओं से संबंधित संदर्भ ‘मैं और मेरा देश’ निबंध से खोजकर लिखिए।

उत्तर: इस निबंध में लेखक ने अपने अनुभव, विचार और भावनाएँ तार्किक और साहित्यिक ढंग से प्रस्तुत की हैं।

  • इसमें प्रश्नोत्तर शैली है, जिससे विचार स्पष्ट होते हैं।
  • लेखक ने देश और नागरिक का संबंध भावनात्मक रूप से दिखाया है।
  • इसमें जीवन-दृष्टि और यथार्थवादी सोच भी है।

Q2. “क्या कोई भूकंप आया था, जिसने दीवार में दरार पड़ गई? बड़े महत्त्व का प्रश्न है। इस अर्थ में भी कि यह बात को खिलने का, आगे बढ़ने का अवसर देता है और इस अर्थ में भी कि ठीक समय पर पूछा गया है। ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है, तो उत्तर यह है आपके प्रश्न का…”

उत्तर: इस निबंध में कई खास बातें हैं—

  • संवादात्मक शैली – लेखक प्रश्न पूछकर उत्तर देता है।
  • देशभक्ति का भाव – हर नागरिक को देश से जोड़ता है।
  • उदाहरणों का प्रयोग – जापानी युवक और स्वामी रामतीर्थ की घटनाएँ।
  • भावनात्मक भाषा – पाठक को प्रभावित करती है।

निबंध के उपर्युक्त अंश को ध्यान से देखिए। इसकी पहली पंक्ति में एक प्रश्न है और बाद के अंश में उसका उत्तर दिया गया है। आपने ध्यान दिया होगा कि यह पूरा निबंध इसी तरह की प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है। यह प्रश्नोत्तर या संवादात्मक शैली इस निबंध की संरचना को विशेष बनाती है। इसी तरह की और भी अन्य विशेषताएँ इस निबंध में से छाँटकर लिखिए।

Q3. नीचे कुछ विषय दिए गए हैं। आप इनमें से किन विषयों पर निबंध लिखना चाहेंगे, कारण सहित लिखिए—

  • मेरा भारत मेरा गौरव
  • चाँद के साथ गपशप
  • जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि
  • गागर में सागर
  • यथा नाम तथा गुण
  • दूध का दूध और पानी का पानी

उत्तर: मैं इन विषयों पर निबंध लिखना चाहूँगा—

  • मेरा भारत मेरा गौरव – क्योंकि इसमें देशभक्ति और गर्व की भावना व्यक्त की जा सकती है।
  • गागर में सागर – यह विषय संक्षिप्तता और गहराई को दिखाता है, छोटे में बड़े अर्थ।
  • जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि – इसमें कवि की कल्पना और साहित्य की शक्ति को समझाया जा सकता है।

चुनाव एवं आपके अनुभव

“क्या कोई ऐसी कसौटी भी बनाई जा सकती है, जिससे देश के नागरिकों को आधार बनाकर देश की उच्चता और हीनता को हम तौल सकें?”

रचनाकार के अनुसार इस प्रश्न का उत्तर है— निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया।

Q1. जब कोई चुनाव प्रक्रिया आपके क्षेत्र में शुरू होती है तो किस तरह की गतिविधियाँ होती हैं?

उत्तर: चुनाव शुरू होते ही प्रचार-प्रसार होता है, उम्मीदवार भाषण देते हैं, पोस्टर-बैनर लगते हैं, मतदाता सूची बनाई जाती है और मतदान केंद्र तैयार किए जाते हैं। लोग चर्चा करते हैं और माहौल उत्साहपूर्ण हो जाता है।

Q2. “जब भी कोई चुनाव हो, ठीक मनुष्य को अपना मत दें।” आपके विचार से एक अच्छे उम्मीदवार में क्या-क्या गुण होने चाहिए?

उत्तर: एक अच्छे उम्मीदवार में ईमानदारी, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता, जनता की समस्याओं को समझने की योग्यता और देश या समाज के लिए त्याग की भावना होनी चाहिए।

Q3. चुनाव से जुड़ा अपना कोई अनुभव लिखिए।
(संकेत— विद्यालय में कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव)

उत्तर: विद्यालय में कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव हुआ था। सभी उम्मीदवारों ने अपने विचार बताए। हमने मतदान किया और गिनती के बाद परिणाम घोषित हुआ। इससे हमें लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला।

Q4. यदि आप किसी सभा, क्लब आदि के चुनाव में उम्मीदवार हों तो आपके क्या-क्या मुद्दे होंगे?

उत्तर: मेरे मुद्दे होंगे—

  • शिक्षा का सुधार
  • स्वच्छता और अनुशासन
  • सभी के लिए समान अवसर
  • सहयोग और एकता

अधिकार और कर्तव्य

इस निबंध में किसी भी स्वतंत्र देश में नागरिक के अधिकार और उसके कर्तव्य की बात की गई है। आपकी पाठ्यपुस्तक के प्रारंभिक पृष्ठों पर भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार और कर्तव्य दिए गए हैं। उसे पढ़कर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए।

उत्तर: इस निबंध में बताया गया है कि किसी भी स्वतंत्र देश में नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य दोनों महत्वपूर्ण हैं। केवल अधिकार माँगना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का पालन करना भी ज़रूरी है।

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार

  • समानता का अधिकार – सभी नागरिक कानून के सामने बराबर हैं।
  • स्वतंत्रता का अधिकार – विचार, अभिव्यक्ति, धर्म और जीवन जीने की स्वतंत्रता।
  • संस्कृति और शिक्षा का अधिकार – अपनी भाषा, संस्कृति और शिक्षा को सुरक्षित रखने का अधिकार।
  • संवैधानिक उपचार का अधिकार – यदि अधिकारों का उल्लंघन हो तो न्यायालय में जाने का अधिकार।

भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य

  • संविधान का पालन – संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना।
  • देश की रक्षा – देश की स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करना।
  • सामाजिक सद्भाव – सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करना।
  • पर्यावरण की रक्षा – जंगल, नदियाँ और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना।

हमारा पुस्तकालय

आप अपने विद्यालय एवं सार्वजनिक पुस्तकालय में जाते हैं। हो सकता है, आपको कभी कोई पुस्तक फटी हुई मिली हो या उसमें से कुछ पृष्ठ गायब हों अथवा उनमें पेन से निशान लगे हों—

  • ऐसा होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
  • ऐसा न हो, इसके लिए क्या किया जा सकता है?
  • आप पुस्तकालय में किन नियमों का पालन करते हैं? उन नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है? इस पर अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए।
  • ब्रेल लिपि में पुस्तकें

आपके विद्यालय में रोचक पुस्तकों का भंडार है, परंतु आपके दृष्टिबाधित सहपाठी स्वयं पढ़कर इनका आनंद नहीं उठा पाते हैं। प्रधानाध्यापक को ब्रेल लिपि में पुस्तकें मँगवाने के संदर्भ में पत्र लिखिए।

उत्तर:

पुस्तकालय में समस्या क्यों होती है?

कभी-कभी पुस्तक फटी हुई मिलती है, पन्ने गायब होते हैं या पेन से निशान लगे होते हैं। इसके पीछे कारण हो सकते हैं—

  • लापरवाही – विद्यार्थी या पाठक ध्यान नहीं देते।
  • अनुशासन की कमी – नियमों का पालन न करना।
  • सही देखभाल न होना – पुस्तकालय में नियमित जाँच न होना।

ऐसा न हो, इसके लिए क्या किया जा सकता है?

समाधान है—

  • पुस्तकें सँभालकर पढ़ें और सही जगह पर रखें।
  • पुस्तकालय में नियमों का पालन करें।
  • फटी या खराब पुस्तक तुरंत लाइब्रेरियन को बताएँ।
  • सभी छात्रों को पुस्तक संरक्षण की शिक्षा दी जाए।

पुस्तकालय में नियम और उनका महत्व

पुस्तकालय में कुछ नियम होते हैं—

  • शांति बनाए रखना।
  • पुस्तक समय पर लौटाना।
  • पुस्तक को साफ-सुथरा रखना।
  • दूसरों को परेशान न करना।

महत्त्व: इन नियमों से सभी को पढ़ने का अच्छा वातावरण मिलता है और पुस्तकें लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं।

ब्रेल लिपि में पुस्तकें

दृष्टिबाधित सहपाठियों के लिए ब्रेल लिपि में पुस्तकें बहुत ज़रूरी हैं। इससे वे भी पढ़ाई और ज्ञान का लाभ उठा सकते हैं। विद्यालय में ऐसी पुस्तकों का भंडार होना चाहिए ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिले।

कृतज्ञता-ज्ञापन

“अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीप जलाए…”

देश के विकास में सभी का सहयोग होता है, जो सीमा पर तैनात हैं और जो देश के भीतर हैं, जैसे— अध्यापक, किसान, श्रमिक, कलाकार, वैज्ञानिक, अभियंता आदि। इन सभी के अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता-ज्ञापन तैयार करके लिखिए।

उत्तर: हम अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीप जलाए, उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं। आज़ादी के बाद भी देश की प्रगति में अनेक वर्गों का योगदान अमूल्य है।

  • सैनिक – सीमा पर तैनात रहकर देश की रक्षा करते हैं।
  • किसान – अन्न उगाकर हमें जीवन देते हैं।
  • श्रमिक – उद्योग और निर्माण कार्यों से देश की नींव मजबूत करते हैं।
  • अध्यापक – शिक्षा देकर भविष्य की पीढ़ी तैयार करते हैं।
  • वैज्ञानिक – नए आविष्कारों से देश को आधुनिक बनाते हैं।
  • कलाकार – संस्कृति और कला से देश की पहचान को जीवित रखते हैं।
  • अभियंता – तकनीक और विकास कार्यों से देश को आगे बढ़ाते हैं।

विज्ञापन

HINDI CHAPTER 7 FIG 2

“ठीक मनुष्य को अपना मत दें।”

उपर्युक्त पंक्ति में चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने का संदेश दिया गया है। आप भी चुनाव में योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।

उत्तर: विज्ञापन छात्र स्वयं भी बना सकते हैं।

स्वच्छता और आचरण

“क्या आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंकते हैं…”

निबंध के इस अंश को पुनः पढ़िए। इस प्रकार के और कौन-कौन से आचरण हो सकते हैं, जिनसे देश के सौंदर्य को आघात लगता है? इस विषय पर अपने अभिभावकों, सहपाठियों और शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए।

(संकेत— ऐतिहासिक या सार्वजनिक स्थानों पर अपना नाम आदि लिखना।)

उत्तर: केला खाकर छिलका सड़क पर फेंकना तो एक उदाहरण है। इसके अलावा और भी आचरण हैं—

  • सार्वजनिक स्थानों पर नाम लिखना – ऐतिहासिक स्मारकों या दीवारों पर नाम या चित्र बनाना।
  • कूड़ा फैलाना – सड़क, पार्क या नदी में प्लास्टिक और गंदगी डालना।
  • थूकना और गंदगी करना – सार्वजनिक जगहों पर पान-गुटखा थूकना।
  • पेड़ों को नुकसान पहुँचाना – छाल काटना या पौधों को तोड़ना।
  • शोर और ध्वनि प्रदूषण

ऐसा न हो, इसके लिए क्या किया जा सकता है?

  • सार्वजनिक स्थानों को साफ रखें।
  • ऐतिहासिक धरोहरों का सम्मान करें।
  • कूड़ा हमेशा डस्टबिन में डालें।
  • पौधों और पर्यावरण की रक्षा करें।
  • दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें।

व्याकरण की बात

संदर्भ में शब्द

नीचे लिखे वाक्यों पर ध्यान दीजिए—

  • एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई।
  • क्या कोई भूकंप आया था, जिसने दीवार में दरार पड़ गई।

दीवार में पैदा हुई चटक/तरेड़/साँक/टूटन के लिए ‘दरार’ शब्द का प्रयोग करते हैं। भूकंप आने पर अथवा किसी भी प्रकार के तोड़-फोड़ का कार्य होने पर भवनों की छतों और दीवारों में दरार पड़ जाती है। इस शब्द का प्रयोग ऐसे भी किया जाता है—

  • वे बहुत अच्छे मित्र थे। न जाने ऐसा क्या हुआ कि उनके संबंधों में दरार पड़ गई।
  • भेदभाव की भावना सामाजिक एकता में दरार डालती है।

अब इसी प्रकार ‘गाँठ’ शब्द के प्रयोग पर ध्यान दीजिए—

  • “पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी मात्र है, जो नागरिक और देश को एक साथ बाँधती है।”
  • माला गूँथते समय धागे के एक सिरे पर गाँठ बाँध दीजिए।

इसी प्रकार ‘पानी’ शब्द का प्रयोग देखिए—

  • बहुत प्यास लगी है, पानी दीजिए।
  • जब उस लड़के की पुस्तक से पन्ने फाड़ने की बात सामने आई तो वह पानी-पानी हो गया।
  • इतनी अधिक वर्षा हुई कि चारों ओर पानी-पानी हो गया।
  • अब इसके कामों के बारे में और क्या कहा जाए, इसका तो पानी ही उतर चुका है।

अब अपनी पाठ्यपुस्तक में से ऐसे अन्य शब्द छाँटकर लिखिए, जो संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हों।

उत्तर:

संदर्भ में शब्दों का प्रयोग

आपने देखा कि दरार, गाँठ और पानी शब्द अलग-अलग संदर्भों में अलग अर्थ देते हैं। इसी तरह हमारी पाठ्यपुस्तक में और भी शब्द हैं जिनका प्रयोग संदर्भ के अनुसार बदल जाता है।

उदाहरण

दीपक

  • घर में रोशनी करने वाला दीपक।
  • “गौरव के दीपक जलाए” – यहाँ दीपक का अर्थ है त्याग और बलिदान की ज्योति।

माटी

  • खेत की मिट्टी।
  • “माटी हो गई सोना” – यहाँ माटी का अर्थ है देश की भूमि जो त्याग से अमूल्य बन गई।

श्रृंखला

  • पहाड़ों की श्रृंखला।
  • घटनाओं की श्रृंखला – यानी एक के बाद एक जुड़ी हुई घटनाएँ।

दीवार

  • घर की दीवार।
  • “आनंद की दीवार में दरार” – यहाँ दीवार का अर्थ है मन की पूर्णता और सुख का आधार।

कारवाँ

  • यात्रियों का समूह।
  • “कारवाँ आगे बढ़े” – यहाँ कारवाँ का अर्थ है देश की प्रगति का प्रवाह।

मिलते-जुलते भाव वाले ‘शब्द-युग्म’

  • “अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।”
  • “इस तरह एक मनुष्य से भरा-पूरा नगर बनकर मैं खड़ा हुआ था।”

पहले वाक्य में ‘ममता-दुलार’ और दूसरे वाक्य में ‘भरा-पूरा’ शब्द मिलता-जुलता भाव दे रहे हैं। ये शब्द-युग्म हैं। शब्द-युग्म प्रायः दो शब्दों के समूह होते हैं। ये कई प्रकार से बनते और बनाए जाते हैं। कभी अर्थ की दृष्टि से समान होते हैं, कभी उच्चारण की दृष्टि से समान होते हैं परंतु अर्थ में अंतर होता है, कभी विपरीत भाव भी देते हैं। इस प्रकार के शब्दों के प्रयोग से भाषा में सजीवता आती है।

आप इस निबंध में से मिलते-जुलते अर्थ वाले और पुनरुक्त (एक ही शब्द को फिर से कहना) शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।

उत्तर: मिलते-जुलते भाव वाले शब्द‑युग्म

आपने सही देखा कि ममता‑दुलार और भरा‑पूरा शब्द‑युग्म हैं। ऐसे शब्द‑युग्म भाषा को अधिक सजीव और प्रभावपूर्ण बनाते हैं। निबंध “मैं और मेरा देश” में भी कई शब्द‑युग्म मिलते हैं।

उदाहरण

  • ममता‑दुलार – प्रेम और स्नेह का भाव।
  • भरा‑पूरा – पूर्णता और संतोष का भाव।
  • हीनता‑गौरव – विपरीत भाव, देश की स्थिति को दर्शाते हैं।
  • दीन‑दिन – कठिन और दुखद समय।
  • सुख‑सुविधा – आराम और सुविधा का भाव।
  • सम्मान‑गौरव – समानार्थक भाव, देश की प्रतिष्ठा को दिखाते हैं।

शब्दों की कड़ियाँ / श्रृंखला

“मैं सोचा करता था कि मेरी मनुष्यता में अब कोई अपूर्णता नहीं रही।”

उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित शब्द ‘अपूर्णता’ में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का ही प्रयोग किया गया है। इस प्रयोग को समझकर नीचे दिए गए शब्दों में उपसर्ग और प्रत्यय पहचानकर लिखिए—

अलौकिक, निरक्षरता, सम्मानित, अनावश्यक, अपमानित, अभिमानी

HINDI CHAPTER 7 FIG 3

(आपकी पाठ्यपुस्तक के ‘क्या लिखूँ?’ पाठ में भी उपसर्ग और प्रत्यय के प्रयोग के विषय में जानकारी दी गई है।)

उत्तर:

शब्दउपसर्गमूल शब्दप्रत्यय
अलौकिकअललोकिक
निरक्षरतानिरअक्षरता
सम्मानितसममानइत
अनावश्यकअनआवश्यक
अपमानितअपमानइत
अभिमानीअभिमान-ी

गतिविधियाँ

देश मात्र एक भौगोलिक सीमा-क्षेत्र नहीं है।

इस विषय पर परिचर्चा का आयोजन कीजिए और परिचर्चा में उभरकर आए बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कीजिए। रिपोर्ट को पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण या चार्ट के माध्यम से कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:

परिचर्चा रिपोर्ट – “देश मात्र एक भौगोलिक सीमा-क्षेत्र नहीं है”

परिचर्चा में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने अपने विचार रखे। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं—

परिचर्चा से उभरकर आए बिंदु

  • देश की पहचान – देश केवल नक्शे पर बनी सीमाएँ नहीं है, बल्कि नागरिकों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली से जुड़ा है।
  • नागरिकों का योगदान – किसान, सैनिक, शिक्षक, वैज्ञानिक और कलाकार सभी मिलकर देश को मजबूत बनाते हैं।
  • कर्तव्य और जिम्मेदारी – हर नागरिक का आचरण और अनुशासन देश की छवि को प्रभावित करता है।
  • सांस्कृतिक विविधता – अलग-अलग भाषाएँ, रीति-रिवाज और परंपराएँ मिलकर देश को एकता में बाँधती हैं।
  • देशभक्ति का भाव – नागरिकों का त्याग और सेवा ही देश को गौरवपूर्ण बनाता है।

प्रस्तुतीकरण के सुझाव

  • पावरपॉइंट स्लाइड्स में हर बिंदु को चित्र और छोटे वाक्यों के साथ दिखाएँ।
  • चार्ट में “देश = नागरिक + संस्कृति + योगदान” जैसी सरल श्रृंखला बनाएँ।
  • नारा जोड़ें: “देश केवल सीमा नहीं, यह हमारी पहचान है।”

भाषा संगम

“मैं अपने देश का नागरिक हूँ।”

नीचे ‘देश’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है—

देश (हिंदी); देशः, क्षेत्रम् (संस्कृत); देस, देश (पंजाबी); हिस्सा, इलाक़ा (उर्दू); दीश, मुलुख (कश्मीरी); देशु, देसु (सिंधी); देश (मराठी); देश, प्रदेश (गुजराती); देश (कोंकणी); देश, मुलुक, राष्ट्र (नेपाली); प्रदेश, अंचल, राज्य (बांग्ला); देश, राज्य, प्रदेश (असमिया); लैबाक, मलम, लम (मणिपुरी); देश, राज्य, प्रदेश, अंचल (ओड़िया); प्रदेशमु (तेलुगु); इडम्, पिरदेशम् (तमिल); देशम् (मलयालम); देश (कन्नड़)।

  • इनके अतिरिक्त यदि आप ‘देश’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं, तो उस भाषा में भी लिखिए।
  • उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

https://shabd.education.gov.in/lexicon.jsp

उत्तर:

भाषा संगम – ‘देश’ शब्द के प्रयोग

आपके दिए गए उदाहरणों में ‘देश’ शब्द अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अलग रूपों में प्रयुक्त होता है। संविधान की आठवीं अनुसूची में यह सूची दी गई है।

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