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टिकट-अलबम Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 9

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टिकट-अलबम Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 9 की तैयारी के लिए सरल और उपयोगी सामग्री है। इस अध्याय में टिकटों के संग्रह के माध्यम से बच्चों की रुचि, मित्रता, भावनाओं और आपसी व्यवहार को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यहाँ अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थी पाठ को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकें।

टिकट-अलबम Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 9

टिकट-अलबम Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 9

बातचीत के लिए,

1. पाठ में बच्चे किस वस्तु को संगृहीत करने में रुचि रखते हैं?

उत्तर: बच्चों को डाक टिकटें इकट्ठा करने का शौक था। वे अलग-अलग देशों के टिकट बदलकर और मेहनत से जमा करते थे।

2. राजप्पा और नागराजन की तरह क्या आप लोग भी किसी वस्तु का संग्रह करते हैं? उसके विषय में कक्षा में बताइए।

उत्तर: हाँ, कई बच्चे अपनी पसंद की चीजें जमा करते हैं। जैसे कोई कॉमिक किताबें, कोई सिक्के, और कोई खिलौने। यह शौक हमें खुशी देता है और यादें भी जोड़ता है।

3. आपको राजप्पा और नागराजन में से किसका अलबम अच्छा लगा और क्यों?

उत्तर: नागराजन का अलबम देखने में सुंदर और नया था, इसलिए सबको पसंद आया। लेकिन राजप्पा का अलबम मेहनत से बनाया गया था। मुझे राजप्पा का अलबम अच्छा लगा क्योंकि उसमें उसकी लगन और परिश्रम दिखता है।

4. जब आप अपनी प्रिय वस्तु किसी को देते हैं तो कैसा अनुभव करते हैं?

उत्तर: प्रिय वस्तु देना थोड़ा कठिन लगता है, लेकिन जब सामने वाला खुश होता है तो मन हल्का और अच्छा लगता है। इसमें साझा करने की खुशी मिलती है और दोस्ती मजबूत होती है।

मेरी समझ से

नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे उपयुक्त उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए।

1. राजप्पा को किसका शौक था?
(क) चित्रकारी करने का
(ख) क्रिकेट खेलने का
(ग) कहानी लिखने का
(घ) डाक टिकटें जमा करने का

उत्तर: (घ) डाक टिकटें जमा करने का

2. नागराजन का अलबम किस कारण प्रसिद्ध था?
(क) वह रंग-बिरंगा था।
(ख) उसमें दुर्लभ टिकटें थीं।
(ग) वह बहुत बड़ा था।
(घ) वह नया था।

उत्तर: (ग) वह बहुत बड़ा था।

3. ‘टिकट-अलबम’ पाठ में राजप्पा को कौन-सी धुन सवार थी?
(क) कक्षा में प्रथम स्थान लाने की
(ख) टिकट इकट्ठा करने की
(ग) नए दोस्त बनाने की
(घ) संगीत सीखने की

उत्तर: (ख) टिकट इकट्ठा करने की

4. राजप्पा नागराजन का अलबम क्यों नहीं देखना चाहता था?
(क) ईर्ष्यावश
(ख) लोभवश
(ग) संकोचवश
(घ) क्रोधवश

उत्तर: (क) ईर्ष्यावश

5. लेखक ने राजप्पा की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से क्यों की?
(क) वह सबसे बहुत मीठा बोलता था।
(ख) उसका स्वभाव डंक मारने जैसा था।
(ग) उसे शहद खाना बहुत पसंद था।
(घ) उसने बहुत परिश्रम से एक-एक टिकट एकत्र किया था।

उत्तर: (घ) उसने बहुत परिश्रम से एक-एक टिकट एकत्र किया था।

संकेत – आपके अनुसार जो सबसे उपयुक्त उत्तर है, उसे चुनिए। फिर अपने साथियों के साथ उसे साझा कीजिए। ध्यान दीजिए कि क्या उन्होंने भी वही उत्तर चुना है। एक-दूसरे से अपने उत्तर चुनने के कारणों की चर्चा कीजिए।

सोचिए और लिखिए

1. राजप्पा के स्वभाव में अचानक क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: पहले राजप्पा मेहनती और आत्मविश्वासी था। लेकिन जब सब बच्चों को नागराजन का अलबम पसंद आने लगा तो वह ईर्ष्यालु और उदास हो गया। उसका आत्मविश्वास टूट गया और वह अकेला रहने लगा।

2. राजप्पा ने नागराजन का अलबम क्यों चुराया?

उत्तर: राजप्पा को नागराजन की लोकप्रियता से जलन थी। उसे लगा कि उसका मेहनत से बनाया अलबम अब सब भूल गए हैं। इसी ईर्ष्या और दुख के कारण उसने नागराजन का अलबम चुरा लिया।

3. राजप्पा और नागराजन दोनों के टिकट इकट्ठा करने के तरीकों में क्या अंतर था? आप किसे सही मानते हैं और क्यों?

उत्तर: राजप्पा ने टिकटें बहुत मेहनत से इकट्ठा कीं – बच्चों से बदलकर, दूर जाकर, और चालाकी से। नागराजन को अलबम उसके मामा ने सिंगापुर से भेजा था। मुझे लगता है कि राजप्पा का तरीका सही था क्योंकि उसमें परिश्रम और लगन थी।

4. यदि अप्पू राजप्पा को पुलिस आने की बात न बताता तो राजप्पा क्या कदम उठा सकता था?

उत्तर: अगर अप्पू ने पुलिस की बात न बताई होती तो राजप्पा शायद अलबम छिपाकर रखता और उसे जलाता नहीं। डर और घबराहट के कारण ही उसने अलबम जलाया।

5. कहानी के अंत में राजप्पा ने अपना अलबम नागराजन को क्यों दे दिया? क्या उसका यह कदम सही था?

उत्तर: राजप्पा को अपराध-बोध और पछतावा हो रहा था। उसने दोस्ती बचाने और नागराजन को सांत्वना देने के लिए अपना अलबम उसे दे दिया। यह कदम सही था क्योंकि इससे उसकी मित्रता और संवेदनशीलता दिखाई देती है।

भाषा की ओर

संज्ञा और सर्वनाम

रेखांकित शब्द कहानी में किसके लिए प्रयोग किए गए हैं? पहचानकर लिखिए—

1. पर अब? कोई उसके अलबम की बात तक नहीं करता। – …………….. – ……………..

उत्तर: यहाँ उसके शब्द राजप्पा के लिए प्रयोग हुआ है।

2. हम दोनों शहर गए हुए थे।

उत्तर: यहाँ हम दोनों शब्द राजप्पा और अप्पू के लिए प्रयोग हुआ है।

3. अरे हाँ, तुमने भैया का अलबम देखा? उसने पूछा।

उत्तर: यहाँ भैया शब्द नागराजन के लिए प्रयोग हुआ है।

4. वह अलबम लेकर नीचे उतर गया।

उत्तर: यहाँ वह शब्द नागराजन के लिए प्रयोग हुआ है।

5. ठीक है, मैं इसे रख लेता हूँ। पर तुम क्या करोगे?

उत्तर: यहाँ मैं शब्द नागराजन के लिए और तुम शब्द राजप्पा के लिए प्रयोग हुआ है।

संबोधन अथवा पहचान के लिए हम नाम का प्रयोग करते हैं जिसे संज्ञा कहा जाता है। नाम के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

मुहावरे कहानी से

2. नीचे दिए गए मुहावरों का प्रयोग कहानी में किया गया है। कहानी में इन्हें खोजकर इनका प्रयोग समझिए। अब इनका अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए—

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
दिल पिघलनानागराजन को रोता देखकर राजप्पा का दिल पिघल गया।
भनक पड़नाकिसी बात का पहले ही आभास होना
फूट-फूटकर रोना
गला भर आना
आग में घी डालना
चेहरा उतरना
शान बघारना

उत्तर:

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
दिल पिघलनादया या करुणा से मन नरम होनानागराजन को रोता देखकर राजप्पा का दिल पिघल गया।
भनक पड़नाकिसी बात का पहले ही आभास होनापरीक्षा की खबर की उसे भनक पड़ गई थी।
फूट-फूटकर रोनाबहुत जोर से रोनाअलबम खो जाने पर नागराजन फूट-फूटकर रोने लगा।
गला भर आनाभावुक होकर रोने की स्थिति होनाअपना अलबम देते समय राजप्पा का गला भर आया।
आग में घी डालनापहले से दुखी या गुस्से में और बढ़ानाअप्पू ने पुलिस की बात कहकर राजप्पा की चिंता में आग में घी डाल दिया।
चेहरा उतरनाउदास या निराश दिखनाअलबम खोने पर नागराजन का चेहरा उतर गया।
शान बघारनाअपनी चीज़ या गुण की डींग मारनाराजप्पा अपने बड़े अलबम की शान बघारता था।

विशेषण

भर में किसी के भी पास इतना बड़ा अलबम नहीं है।

इस वाक्य में ‘बड़ा’ शब्द ‘अलबम’ की विशेषता बता रहा है अर्थात यह विशेषण है। ‘अलबम’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है, अर्थात यह विशेष्य है।

3. कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इनमें विशेषण शब्दों को पहचानकर उन्हें रेखांकित कीजिए—

1. नागराजन घमंडी हो गया है।

उत्तर: यहाँ घमंडी विशेषण है।

2. लड़कियों में वही तेज-तर्रार मानी जाती थी।

उत्तर: यहाँ तेज-तर्रार विशेषण है।

3. बहुत सुंदर अलबम है ना?

उत्तर: यहाँ सुंदर विशेषण है।

4. अम्मा ने अँगीठी पर गर्म पानी की देगची चढ़ा रखी थी।

उत्तर: यहाँ गर्म विशेषण है।

5. राजप्पा का चेहरा भयानक हो गया था।

उत्तर: यहाँ भयानक विशेषण है।

एक से अनेक

4. जब एक हो तो ‘लड़का’ शब्द का प्रयोग किया जाता है और अनेक हों तो ‘लड़के’। नीचे दिए गए एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए—

एकवचनबहुवचन
लड़कालड़के
लड़की
टिकट
पगडंडी
किताब
सीढ़ी

उत्तर:

एकवचनबहुवचन
लड़कालड़के
लड़कीलड़कियाँ
टिकटटिकटें
पगडंडीपगडंडियाँ
किताबकिताबें
सीढ़ीसीढ़ियाँ

बात पर बल देना

कक्षा की लड़कियाँ उस अलबम को देखने के लिए उत्सुक थीं।
कक्षा की लड़कियाँ भी उस अलबम को देखने के लिए उत्सुक थीं।

इन दोनों वाक्यों में क्या अंतर है? ध्यान दीजिए और बताइए। पहले वाक्य में एक शब्द कम है। उस एक शब्द के न होने से वाक्य के अर्थ में भी थोड़ा अंतर आ गया है।

हम अपनी बात पर बल देने के लिए कुछ विशेष शब्दों का प्रयोग करते हैं, जैसे– ही, भी, तो आदि।

5. कहानी के इन वाक्यों में नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए और वाक्य में इनके प्रभाव को समझिए—

तो तक भी

1. आधी छुट्टी के वक्त …………….. उसके आस-पास लड़कों का जमघट लगा रहता।

उत्तर: आधी छुट्टी के वक्त भी उसके आस-पास लड़कों का जमघट लगा रहता।
यहाँ “भी” शब्द से यह बल मिलता है कि छुट्टी के समय भी लड़के उसी के पास रहते थे।

2. कामाक्षी कुछ देर …………….. वहीं रही।

उत्तर: कामाक्षी कुछ देर तक वहीं रही।
“तक” शब्द से यह स्पष्ट होता है कि वह सीमित समय तक वहीं रही।

3. उसका अलबम …………….. कितना प्यारा था।

उत्तर: उसका अलबम तो कितना प्यारा था।
“तो” शब्द से यह बल मिलता है कि अलबम की सुंदरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

4. जैसे …………….. वह घर लौटता, बस्ता कोने में पटककर निकल जाता।

उत्तर: जैसे ही वह घर लौटता, बस्ता कोने में पटककर निकल जाता।
“ही” शब्द से यह बल मिलता है कि घर लौटते ही तुरंत वह बाहर निकल जाता था।

शब्दों की बात

देर और हुई तो अम्मा खुद ही उठकर चली आएँगी।

(क) आप अपनी माँ को क्या कहकर संबोधित करते हैं?

उत्तर: मैं अपनी माँ को अम्मा या माँ कहकर संबोधित करता हूँ।

(ख) अन्य भाषाओं में माँ के लिए प्रयुक्त संबोधन/शब्द ढूँढ़िए।

उत्तर:

  • मराठी में – आई
  • अंग्रेज़ी में – Mother या Mom
  • तमिल में – अम्मा
  • बंगाली में – माँ
  • उर्दू में – अम्मी

सृजन

किसी विशेष जानकारी को सार्वजनिक करना सूचना लेखन कहलाता है।

टिकट अलबम fig 1

विद्यालय में आयोजित की जाने वाली दोहा गायन प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को आमंत्रित करते हुए एक सूचना पत्र तैयार कीजिए।

उत्तर:

सूचना पत्र

अ. ब. स. विद्यालय, शिलांग
सूचना
दिनांक – 24 अगस्त 2026

विषय – दोहा गायन प्रतियोगिता

सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि विद्यालय में दोहा गायन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता आगामी शनिवार को विद्यालय के सभा भवन में सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी। इच्छुक विद्यार्थी अपने नाम हिंदी विभाग में दर्ज कराएँ।

सूचना देने वाला – कक्षा-नवमी (ब) का विद्यार्थी

पाठ से आगे

1. राजप्पा ने ईर्ष्या में आकर नागराजन का अलबम चुरा लिया था। आपके विचार से ईर्ष्या मनुष्य को किस ओर ले जाती है? इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर: ईर्ष्या मनुष्य को गलत कामों और दुख की ओर ले जाती है। इससे बचने के लिए हमें दूसरों की सफलता देखकर खुश होना चाहिए और अपनी मेहनत पर ध्यान देना चाहिए।

2. “पश्चात्ताप ही सबसे बड़ा प्रायश्चित है।” राजप्पा के संदर्भ में इस कथन पर कक्षा में चर्चा कीजिए।

उत्तर: राजप्पा ने अलबम चुराकर गलती की, लेकिन बाद में उसे पछतावा हुआ। यही पश्चात्ताप उसका सबसे बड़ा प्रायश्चित बना। उसने अपना अलबम नागराजन को देकर अपनी गलती सुधारने की कोशिश की।

3. यदि आप राजप्पा के स्थान पर होते और नागराजन का अलबम देखकर आपको ईर्ष्या होती तो आप अपनी इस भावना पर कैसे काबू पाते?

उत्तर: मैं अपनी मेहनत पर भरोसा करता और सोचता कि मेरा अलबम भी खास है। मैं ईर्ष्या छोड़कर दोस्ती निभाता और नागराजन से सीखने की कोशिश करता।

4. इस कहानी को कक्षा में नाटक के रूप में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: कक्षा में विद्यार्थी राजप्पा, नागराजन, अप्पू और अन्य पात्रों की भूमिका निभा सकते हैं। अलबम दिखाने, चोरी करने और अंत में पछतावे का दृश्य नाटक के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे कहानी और भी जीवंत लगेगी।

5. अगर कक्षा के विद्यार्थी नागराजन के अलबम के आते ही उसकी ओर न चले जाते तो भी क्या वही स्थिति होती? चर्चा कीजिए।

उत्तर: नहीं, अगर सब राजप्पा के अलबम को भी महत्व देते तो उसे ईर्ष्या नहीं होती। स्थिति बदल जाती और दोनों के अलबम की बराबर प्रशंसा होती।

खोजबीन

नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ियों (लिंक्स) का प्रयोग करके इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं—

पाठ का ऑडियो लिंक
https://www.youtube.com/watch?v=Xj4MaUwqnQI

‘कंचा’ कहानी का ऑडियो लिंक
https://www.youtube.com/watch?v=zoZTyuYtJAk

उत्तर:

पाठ का ऑडियो लिंक – Lesson 9 Ticket Album

  • यह वीडियो कक्षा 9 के पाठ “टिकट-अलबम” का ऑडियो रूप है।
  • इसमें कहानी को सुनाया गया है ताकि विद्यार्थी पढ़ने के साथ-साथ सुनकर भी समझ सकें।
  • कहानी में राजप्पा और नागराजन के बीच टिकट-अलबम को लेकर ईर्ष्या और पछतावे की घटना है।
  • ऑडियो सुनने से विद्यार्थियों को उच्चारण और भाव समझने में मदद मिलती है।

‘कंचा’ कहानी का ऑडियो लिंक

  • यह वीडियो “कंचा” कहानी का ऑडियो है।
  • कहानी एक छोटे बच्चे की भावनात्मक स्थिति पर आधारित है, जिसमें उसकी मासूमियत और अनुभव को दर्शाया गया है।
  • ऑडियो सुनने से विद्यार्थी कहानी को और गहराई से महसूस कर सकते हैं।

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