हमारे ये कलामंदिर Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 6 हिंदी रिवा के अध्याय 6 की तैयारी के लिए सरल और उपयोगी सामग्री है। इसमें अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी पाठ को अच्छी तरह समझकर परीक्षा की तैयारी कर सकें। यह सामग्री Class 9 Hindi Reva के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

हमारे ये कलामंदिर Class 9 Question Answer Hindi Reva Chapter 6
बातचीत के लिए
1. आप अपनी छुट्टियों में क्या-क्या करते हैं?
उत्तर: मैं छुट्टियों में किताबें पढ़ता हूँ, दोस्तों से मिलता हूँ, कभी-कभी यात्रा करता हूँ और घर पर आराम भी करता हूँ। इससे मन ताज़ा हो जाता है।
2. यदि आपको अपने मनपसंद स्थान पर घूमने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर: मैं कश्मीर जाना चाहूँगा क्योंकि वहाँ की बर्फ़ से ढकी पहाड़ियाँ और झीलें बहुत सुंदर हैं। यह जगह शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर है।
3. आप जहाँ जाना चाहते हैं, आपके घर से वहाँ तक कैसे पहुँचा जा सकता है?
उत्तर: मेरे घर से कश्मीर जाने के लिए पहले ट्रेन या बस से दिल्ली पहुँचना होगा। वहाँ से हवाई जहाज़ या बस से श्रीनगर पहुँचा जा सकता है।
4. यदि आपने किसी प्राचीन मूर्ति अथवा कलाकृति को देखा हो तो आपने क्या महसूस किया? अपना अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: मैंने अजंता-एलोरा जैसी प्राचीन मूर्तियाँ देखी थीं। उन्हें देखकर लगा कि पुराने समय में कलाकार कितने कुशल थे। पत्थर को तराशकर बनाई गई मूर्तियों में भावनाएँ साफ़ झलकती थीं। मुझे गर्व और आश्चर्य दोनों महसूस हुआ।
मेरी समझ से
नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे उपयुक्त उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए।
1. निशा अजंता और एलोरा जाने को उत्सुक क्यों थी?
(क) वहाँ तक पहुँचना रोमांचकारी होगा।
(ख) मौसी के साथ जाना सुखद होगा।
(ग) उसने गुफाओं के बारे में पढ़ा था।
(घ) छुट्टियों में घूमना मनोरंजक होगा।
उत्तर: (ग) उसने गुफाओं के बारे में पढ़ा था।
2. संभाजीनगर में निशा और मौसी ने विश्रामगृह में रात क्यों बिताई?
(क) सुबह से निकले हुए वे दोनों थक गए थे।
(ख) उनका आरक्षण संभाजीनगर तक ही था।
(ग) वे विश्रामगृह का अनुभव करना चाहते थे।
(घ) आगे जाने से पूर्व विश्रामगृह में रुकना अनिवार्य था।
उत्तर: (ख) उनका आरक्षण संभाजीनगर तक ही था।
3. गुफाओं के अंदर दीवारों पर किसके सुंदर चित्र बने थे?
(क) इंद्र, बारिश, नदी, पहाड़ और सूरज के चित्र
(ख) गौतम बुद्ध, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और स्त्रियों के चित्र
(ग) किसान, मजदूर और बढ़ई के चित्र
(घ) आधुनिक कल-कारखानों के चित्र
उत्तर: (ख) गौतम बुद्ध, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और स्त्रियों के चित्र।
4. गुफाओं के चित्रों के रंग इतने वर्षों बाद भी फीके क्यों नहीं पड़े थे?
(क) रासायनिक रंगों को मिलाकर बनाए गए थे।
(ख) वहाँ की जलवायु के कारण सुरक्षित थे।
(ग) पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए गए थे।
(घ) इन्हें फीके न पड़ने का वरदान प्राप्त था।
उत्तर: (ग) पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए गए थे।
5. अजंता की गुफाएँ देखकर निशा को सबसे अधिक आश्चर्य क्या हुआ?
(क) इतनी पुरानी होकर भी नई लगती थीं।
(ख) इनके चित्र बहुत सुंदर और रंगीन थे।
(ग) पहाड़ों को काटकर बनाई गई थीं।
(घ) गुफाओं के अंदर पानी बह रहा था।
उत्तर: (ग) पहाड़ों को काटकर बनाई गई थीं।
| संकेत – आपके अनुसार जो सबसे उपयुक्त उत्तर है, उसे चुनिए। फिर अपने साथियों के साथ उसे साझा कीजिए। ध्यान दीजिए कि क्या उन्होंने भी वही उत्तर चुना है। एक-दूसरे से अपने उत्तर चुनने के कारणों की चर्चा कीजिए। |
सोचिए और लिखिए
1. चित्रों में कौन-सी विशेषताएँ थीं जिनके कारण निशा को लगा कि चित्र अभी बोल पड़ेंगे?
उत्तर: चित्रों में हाथों की मुद्राएँ, आँखों के भाव, चेहरे पर सुख-दुख की झलक और झुर्रियाँ इतनी सजीव थीं कि लगता था जैसे चित्र अभी बोल देंगे।
2. एलोरा की गुफाओं को देखकर निशा चकित क्यों हो रही थी?
उत्तर: एलोरा की गुफाओं में पहाड़ों को काटकर लगभग तीस मंदिर बनाए गए थे। इनमें बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म की मूर्तियाँ थीं। इतनी बड़ी-बड़ी शिलाओं को तराशकर सुंदर इमारतें और मूर्तियाँ बनाना उसे बहुत अद्भुत लगा।
3. अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में क्यों बनाया गया होगा?
उत्तर: गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में इसलिए बनाया गया ताकि सुबह के समय सूर्य की किरणें सीधे गुफाओं में पड़ें और चित्रों व मूर्तियों को उजाला मिले।
4. आपको अजंता और एलोरा की गुफाओं में सबसे बड़ी विशेषता कौन-सी लगी?
उत्तर: सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये गुफाएँ और मंदिर पहाड़ों को काटकर बनाए गए हैं। पत्थरों को तराशकर इतनी सुंदर कलाकृतियाँ बनाना बहुत कठिन काम था।
5. अजंता की गुफाओं के अंदर गौतम बुद्ध के कौन-कौन से चित्र दिखाई दिए?
उत्तर: वहाँ गौतम बुद्ध के घर छोड़ने, भिक्षुओं को उपदेश देने, साधु के रूप में पत्नी से भिक्षा माँगने जैसे चित्र बने थे। ये चित्र बहुत सजीव और सुंदर थे।
भाषा की ओर
मिलान करें
1. पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उपयुक्त अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए—
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| विश्रामगृह | जमीन या पहाड़ के नीचे या अंदर की विस्तृत और खाली जगह जो नीचे दूर तक चली गई हो, कंदरा, गुहा |
| गुफा | तालाब, जलाशय |
| कुंड | संन्यासी, याचक |
| भिक्षु | आराम करने की जगह, आरामगृह, विश्राम भवन, विश्राम स्थल, विश्रामागार |
उत्तर:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| विश्रामगृह | आराम करने की जगह, आरामगृह, विश्राम भवन, विश्राम स्थल, विश्रामागार |
| गुफा | जमीन या पहाड़ के नीचे या अंदर की विस्तृत और खाली जगह जो नीचे दूर तक चली गई हो, कंदरा, गुहा |
| कुंड | तालाब, जलाशय |
| भिक्षु | संन्यासी, याचक |
2. नीचे वाक्यों में दिए गए रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का चयन कर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

(क) संभाजीनगर से अजंता ………………. किलोमीटर दूर है।
उत्तर: संभाजीनगर से अजंता सौ किलोमीटर दूर है।
विपरीत शब्द: कम किलोमीटर
(ख) नदी के दक्षिण में एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में ………………. गुफाएँ थीं।
उत्तर: नदी के दक्षिण में एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में उनतीस गुफाएँ थीं।
विपरीत शब्द: कम गुफाएँ
(ग) संभाजीनगर से एलोरा ………………. किलोमीटर दूर है।
उत्तर: संभाजीनगर से एलोरा चालीस किलोमीटर दूर है।
विपरीत शब्द: अधिक किलोमीटर
(घ) एलोरा में पहाड़ों को काटकर लगभग ………………. मंदिर बनाए गए हैं।
उत्तर: एलोरा में पहाड़ों को काटकर लगभग तीस मंदिर बनाए गए हैं।
विपरीत शब्द: कम मंदिर
विशेषण
रंग-बिरंगे फूल सुंदर चित्र
- पहले उदाहरण में फूल की विशेषता रंग-बिरंगे है जिससे फूल के गुण का पता चल रहा है।
- दूसरे उदाहरण में चित्र की विशेषता सुंदर है जिससे चित्र के गुण का पता चल रहा है।
उनतीस गुफाएँ सैकड़ों साल
- पहले उदाहरण में गुफा (संज्ञा) की विशेषता उनतीस है जिससे गुफाओं की संख्या का पता चल रहा है।
- दूसरे उदाहरण में साल (संज्ञा) की विशेषता सैकड़ों (कई सौ) है जिससे सालों की संख्या का पता चल रहा है।
जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की किसी विशेषता का पता चलता है, उन्हें विशेषण कहते हैं।
3. दी गई संख्याओं के साथ संज्ञा अथवा सर्वनाम जोड़कर वाक्य बनाइए—
- बीस …………………………………………………………………………….
- सफेद …………………………………………………………………………….
- एक दर्जन ……………………………………………………………………………
- पतला …………………………………………………………………………….
उत्तर:
- बीस: बीस छात्र मैदान में खेल रहे थे।
- सफेद: सफेद फूल बगीचे में खिले हुए थे।
- एक दर्जन: एक दर्जन आम टोकरी में रखे थे।
- पतला: पतला लड़का तेज़ दौड़ रहा था।
पत्र
4. निशा अजंता और एलोरा देखकर वापस आ चुकी है। वह अपनी सहपाठी विजया को पत्र लिखकर बताना चाहती है कि अजंता और एलोरा की गुफाएँ उसे कैसी लगीं। स्वयं को निशा मानकर पत्र के प्रारूप में विजया को पत्र लिखिए—
निशा का पता ……………………………………………
दिनांक ……………………
प्रिय मित्र ……………………….
बहुत प्यार
पत्र का आरंभ ……………………………………………………………………
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तुम्हारी मित्र
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उत्तर:
निशा का पता: संभाजीनगर, महाराष्ट्र
दिनांक: 24 अगस्त 2026
प्रिय मित्र विजया,
बहुत प्यार।
तुम्हें यह पत्र लिखते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। हाल ही में मैं अपनी मौसी के साथ अजंता और एलोरा की गुफाएँ देखने गई थी। वहाँ का अनुभव बहुत ही अद्भुत था।
अजंता की गुफाओं में दीवारों पर बने चित्र इतने सजीव थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे। गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े चित्र, पेड़-पौधे और पशु-पक्षियों के चित्र बहुत सुंदर लगे। सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि ये चित्र दो हजार साल पुराने हैं, फिर भी उनके रंग आज भी चमकदार हैं।
एलोरा की गुफाओं में पहाड़ों को काटकर बनाए गए मंदिर देखकर मैं चकित रह गई। वहाँ बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म की मूर्तियाँ थीं। खासकर कैलाश मंदिर बहुत ही अद्भुत था, क्योंकि वह पूरे पहाड़ को ऊपर से काटकर बनाया गया है।
इन कलाकृतियों को देखकर मुझे गर्व हुआ कि हमारे देश में सैकड़ों साल पहले भी कला और संस्कृति का इतना अद्भुत विकास हुआ था।
तुम्हारी मित्र
निशा
पाठ से आगे
समझ और अनुभव
1. अजंता और एलोरा की गुफाएँ देखकर निशा के मन में कई प्रश्न उठे। आप जब नई जगहों पर जाते हैं, तो कौन-कौन से प्रश्न आपके मन में उठते हैं?
उत्तर: जब मैं नई जगहों पर जाता हूँ तो मेरे मन में यह प्रश्न उठते हैं – यह जगह कितनी पुरानी है? यहाँ किसने और कैसे निर्माण किया होगा? लोग उस समय बिना मशीनों के इतना कठिन काम कैसे करते होंगे? और इस जगह का इतिहास क्या है?
2. निशा का मन अभी भी उन बेजोड़ कलाकृतियों की ओर लगा था। निशा को उन कलाकृतियों की कौन-कौन सी बातें याद आ रही होंगी। अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कर लिखिए।
- पत्थर को तराश कर बनाई गई गुफाएँ
- …………………………………………………………………………………………..
- …………………………………………………………………………………………..
- …………………………………………………………………………………………..
- …………………………………………………………………………………………..
- …………………………………………………………………………………………..
उत्तर:
- पत्थर को तराश कर बनाई गई गुफाएँ
- दीवारों पर बने सजीव चित्र जिनमें भावनाएँ झलकती थीं
- रंग जो सैकड़ों साल बाद भी फीके नहीं पड़े
- मूर्तियों की अद्भुत कारीगरी
- कैलाश मंदिर जैसी विशाल रचना जो पूरे पहाड़ को काटकर बनाई गई थी
परियोजना
निशा दशहरे की छुट्टियों में अपनी मौसीजी के साथ अजंता-एलोरा घूमने गई। आप जब कभी छुट्टियों में घूमने जाते हैं तो आपको बहुत-सी तैयारियाँ करनी पड़ती हैं। यात्रा पर जाने से पहले, यात्रा के दौरान एवं यात्रा के बाद आप क्या- तैयारी करते हैं? अपने समूह में चर्चा कर लिखिए—
उदाहरण के लिए
| यात्रा से पहले | यात्रा के दौरान | यात्रा से आने के बाद |
|---|---|---|
| उस स्थान से संबंधित जानकारी जुटाना टिकट खरीदना ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… | उस स्थान से संबंधित बातें करना खाने-पीने का प्रबंध करना ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… | यात्रा के अनुभव अपने मित्रों के साथ साझा करना यात्रा में प्रयोग हुए कपड़े धोने के लिए निकालना ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… ……………………………… |
उत्तर:
| यात्रा से पहले | यात्रा के दौरान | यात्रा से आने के बाद |
|---|---|---|
| स्थान की जानकारी जुटाना टिकट खरीदना सामान पैक करना जरूरी दवाइयाँ और पानी साथ रखना कैमरा या मोबाइल चार्ज करना | स्थान से संबंधित बातें करना खाने-पीने का प्रबंध करना सुरक्षा का ध्यान रखना फोटो और वीडियो लेना गाइड की बातों को ध्यान से सुनना | अनुभव साझा करना कपड़े धोना फोटो और वीडियो को सुरक्षित रखना यात्रा की यादें लिखना दोस्तों और परिवार को दिखाना |
खोजबीन
1. आपने अजंता-एलोरा के बारे में एक पाठ पढ़ा है। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय अथवा अन्य स्रोतों से खोजबीन कीजिए और पढ़िए। कक्षा में उसके बारे में बताइए।
उत्तर: भारत के अन्य दर्शनीय स्थल
- ताजमहल, आगरा – प्रेम का प्रतीक, विश्व के सात अजूबों में से एक।
- जयपुर, राजस्थान – गुलाबी शहर, हवा महल और आमेर किला प्रसिद्ध।
- कश्मीर – प्राकृतिक सौंदर्य, डल झील और बर्फ़ से ढकी पहाड़ियाँ।
- केरल बैकवॉटर – हाउसबोट यात्रा और नारियल के पेड़ों से घिरा शांत वातावरण।
- हम्पी, कर्नाटक – प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक धरोहर।
- चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान – एशिया का सबसे बड़ा किला, राजपूताना शौर्य का प्रतीक।
2. “इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी। बड़ी-बड़ी विशाल शिलाओं को तराश कर इतनी बड़ी-बड़ी इमारतें तथा मूर्तियाँ गढ़ी गई थीं।”
आप जिस प्रांत में रहते हैं, वहाँ पर कोई न कोई ऐसा स्मारक अथवा मंदिर अवश्य होगा जो बहुत प्राचीन होगा। अवश्य ही आपने अपने या किसी दूसरे प्रांत में कोई ऐसा स्मारक या मंदिर देखा होगा। पता लगाइए कि—
- सैकड़ों साल पहले आज की तरह बिजली और उससे चलने वाली मशीनें नहीं थीं। बिजली एवं मशीनों के बिना मूर्तियाँ बनाने के पत्थर कैसे काटे जाते होंगे?
- ये मंदिर अथवा स्मारक बहुत ऊँचाई पर भी बने हैं। पता लगाइए कि इतनी ऊँचाई पर चढ़कर कार्य कैसे किया जाता होगा?
उत्तर: प्राचीन मंदिर निर्माण तकनीक
- पत्थर काटने की विधि: प्राचीन समय में लोहे के औज़ार जैसे छैनी, हथौड़ी, वेज और लीवर का प्रयोग होता था। बड़े पत्थरों को धीरे-धीरे तराशकर आकार दिया जाता था।
- जोड़ने की तकनीक: मंदिरों में ड्राई मेसनरी (बिना गारे के पत्थरों को जोड़ना) और इंटरलॉकिंग स्टोन तकनीक का प्रयोग होता था। इससे मंदिर भूकंप-रोधी और मज़बूत बनते थे।
- ऊँचाई पर काम: मंदिरों और स्मारकों की ऊँचाई पर काम करने के लिए लकड़ी के मचान, रस्सियाँ और पुली सिस्टम का प्रयोग किया जाता था। मजदूर सामूहिक श्रम से पत्थरों को ऊपर ले जाते थे।
- गणित और वास्तुशास्त्र: मंदिरों का निर्माण वास्तु शास्त्र और ज्यामितीय गणनाओं के अनुसार होता था। हर पत्थर का स्थान तय होता था और मंदिर को ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता था।
3. नीचे दी गई एनसीईआरटी की आधिकारिक यू-ट्यूब इंटरनेट कड़ियों (लिंक्स) का प्रयोग करके आप इस पाठ के बारे में और अधिक जान-समझ सकते हैं।
उत्तर:
अजंता-एलोरा की तरह भारत के अन्य मंदिर और स्मारक भी हमारी संस्कृति और कला की महानता दिखाते हैं। बिना मशीनों के भी प्राचीन कलाकारों ने अद्भुत कारीगरी की। हमें इन धरोहरों को देखकर गर्व होता है और इन्हें सुरक्षित रखना हमारी ज़िम्मेदारी है।
शब्द-संपदा
| शब्द | अर्थ | आपकी भाषा में शब्द |
|---|---|---|
| उत्सुकता | किसी विशेष कार्य, वस्तु या घटना के प्रति मन की तीव्र अभिलाषा, उत्कंठा या जानने की इच्छा | |
| कार्यक्रम | किसी कार्य की सूची, किए जाने वाले या होने वाले कामों का क्रम, व्यवस्था या रूपरेखा | |
| आरक्षण | किसी वस्तु अथवा स्थान को विशेष उपयोग या व्यक्ति के लिए अलग से सुरक्षित रखना | |
| विश्रामगृह | आराम करने या ठहरने का स्थान | |
| मनोरम | मन को भाने वाला, मन को रमाने वाला, सुंदर या आकर्षक | |
| शिलाखंड | पत्थर का बड़ा टुकड़ा या चट्टान | |
| कारीगरी | किसी वस्तु को बनाने या सँवारने का कौशल, हुनर या शिल्पकला | |
| अद्भुत | आश्चर्यजनक, विलक्षण, अनोखा या विचित्र | |
| प्रसिद्ध | विख्यात या मशहूर | |
| बेजोड़ | जिसके जोड़ या बराबरी का और कोई न हो, अद्वितीय, अनुपम और बेमिसाल | |
| कलाकृति | कला की कोई सुंदर वस्तु, कलात्मक रचना या शिल्प की वस्तु |
उत्तर:
| शब्द | अर्थ | आपकी भाषा में शब्द |
|---|---|---|
| उत्सुकता | किसी विशेष कार्य, वस्तु या घटना के प्रति मन की तीव्र अभिलाषा, उत्कंठा या जानने की इच्छा | जानने की चाह |
| कार्यक्रम | किसी कार्य की सूची, किए जाने वाले या होने वाले कामों का क्रम, व्यवस्था या रूपरेखा | योजना |
| आरक्षण | किसी वस्तु अथवा स्थान को विशेष उपयोग या व्यक्ति के लिए अलग से सुरक्षित रखना | बुकिंग |
| विश्रामगृह | आराम करने या ठहरने का स्थान | आरामगृह |
| मनोरम | मन को भाने वाला, मन को रमाने वाला, सुंदर या आकर्षक | सुंदर |
| शिलाखंड | पत्थर का बड़ा टुकड़ा या चट्टान | बड़ा पत्थर |
| कारीगरी | किसी वस्तु को बनाने या सँवारने का कौशल, हुनर या शिल्पकला | हुनर |
| अद्भुत | आश्चर्यजनक, विलक्षण, अनोखा या विचित्र | आश्चर्यजनक |
| प्रसिद्ध | विख्यात या मशहूर | मशहूर |
| बेजोड़ | जिसके जोड़ या बराबरी का और कोई न हो, अद्वितीय, अनुपम और बेमिसाल | अनोखा |
| कलाकृति | कला की कोई सुंदर वस्तु, कलात्मक रचना या शिल्प की वस्तु | कला का काम |
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